गाजीपुर। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से रोडवेज बसों का परिचालन प्रभावित हो रहा है। बसों की रफ्तार थमने और यात्रियों की कमी के चलते गाजीपुर डिपो को रोज करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। पहले डिपो की प्रतिदिन की आय करीब नौ लाख रुपये होती थी, जो घटकर 7.5 से आठ लाख रुपये के बीच सिमट गई है।
गाजीपुर डिपो से प्रतिदिन लगभग 94 बसों का संचालन लखनऊ, दिल्ली, प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी, बलिया, मऊ और आजमगढ़ जैसे प्रमुख रूटों पर होता है। लेकिन सर्दी और कोहरे के कारण आम जनजीवन प्रभावित है। ठंड बढ़ने के साथ ही लोगों ने सफर करना कम कर दिया है, जिसका सीधा असर परिवहन निगम की आमदनी पर पड़ा है। कई रूटों पर बसें आधी खाली या पूरी तरह खाली चल रही हैं।
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शाम को लंबी दूरी की बसें हो रहीं निरस्त
कोहरे और शीतलहर के चलते यात्रियों में असुरक्षा की भावना भी बढ़ी है। दिन के समय कुछ हद तक सवारियां मिल जाती हैं, लेकिन शाम होते ही यात्रियों की संख्या तेजी से घट जाती है। कई बार सवारी न मिलने पर लंबी दूरी की बसों का संचालन ही रोकना पड़ रहा है। इससे निगम की आय में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
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लोड फैक्टर में 6-7 फीसदी की गिरावट
गाजीपुर डिपो के प्रभारी अभिषेक सिंह ने बताया कि सामान्य दिनों में डिपो की प्रतिदिन आय 9 से 10 लाख रुपये तक रहती थी, लेकिन वर्तमान में यह घटकर 7.5 से 8 लाख रुपये रह गई है। सवारियों की संख्या में कमी के कारण लोड फैक्टर में करीब छह से सात प्रतिशत की गिरावट आई है। सवारी कम मिलने से आय का संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसका असर चालक-परिचालकों पर भी पड़ रहा है। यात्रियों की संख्या घटने से आमदनी पर असर पड़ना स्वाभाविक है। मौसम साफ होने और ठंड कम होने के बाद ही स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।