केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा की पहल पर जिले में वाशिंग पिट निर्माण की योजना को पंख लगने लगे हैं। ट्रेनों की धुलाई के लिए बनने वाले इस वाशिंग पिट के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित करने का काम तेज कर दिया गया है।
मंगलवार को रेलवे के तकनीकी अधिकारियों ने इसके लिए प्रस्तावित स्थानों पर भूमि की पैमाइश की। पैमाइश कर इसका नक्शा मंडल कार्यालय को भेजा जा रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो वाशिंग पिट के निर्माण से सवारी गाड़ियों के साथ ही एक्सप्रेस ट्रेनों की भी धुलाई कर उनका कायाकल्प किया जा सकेगा।
वर्ष 1996 में छोटी लाइन से बड़ी लाइन में तब्दील सिटी रेलवे स्टेशन के लंबे अर्से बाद अच्छे दिन आ रहे हैं। जिले के सांसद मनोज सिन्हा के केन्द्रीय रेल राज्यमंत्री बनने के बाद स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार के साथ ही कई अन्य विकास कार्यों को पंख लगने शुरू हो गए हैं। स्टेशन सहित जिले में कई विकास कार्य प्रस्तावित हैं।
इसी कड़ी में एक वाशिंग पिट निर्माण का जुड़ गया है। जिले में वाशिंग पिट के निर्माण की योजना के लिए रेल अधिकारियों की तरफ से कई दिनों से माथापच्ची की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को वाराणसी के सेक्शन इंजीनियर (कैरेज) की देखरेख में वाशिंग पिट निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थानों पर भूमि की पैमाइश की गई।
बताया गया है कि वाशिंग पिट के निर्माण के लिए करीब 600 मीटर भूमि की आवश्यकता होगी। इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए तीन जगह पर जमीन चिह्नित किया गया। इसमें गेट नंबर 23 पर वाराणसी और गेट नंबर 24 पर बलिया की तरफ रेलवे की खाली पड़ी जमीन पर रेलवे के तकनीकी अधिकारियों की
तरफ से पैमाइश की कवायद की गई। इसके अलावा अफीम फैक्ट्री के पास जमीन चिन्हित की गई है। गेट नंबर 23 एवं 24 के पास जमीन की पैमाइश से अधिकारी संतुष्ट दिखे। वाशिंग पिट के निर्माण के साथ ही कैरेज के कर्मचारियों के लिए कार्यालय और आवास का भी निर्माण कराया जाएगा।