चुनाव से पहले तो विकास की गंगा बहाने के साथ ही आम जनता की समस्याओं का समाधान कराने का वादा तो सभी प्रत्याशी करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वादों को भूल जाते हैं। इसलिए हम लोगों को ऐसे जनप्रतिनिधि का चयन करना है, जिसकी सोच ऐसी न हो। वह जिले में विकास के क्षेत्र में हर तरह का कार्य करने के साथ ही बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य करें। नगर के पोस्ता घाट स्थित एक मैरेज हाल में ‘अमर उजाला’ मंथन कार्यक्रम में (डीएसएचआरडी) मानवाधिकार संगठन से जुड़े लोगों ने चुनावी मुद्दे पर खुलकर चर्चा की।
उनका कहना है कि इस बार के चुनाव में हम लोग उसी प्रत्याशी का चयन करेंगे, जो न्याय में सहयोग दिलाने की सोच रखता हो। वह ऐसा न हो, जो दोषी की पैरवी करते हुए सही व पीड़ित को न्याय दिलाने में बाधक बने। वह खुद प्रयास कर पीड़ितों को न्याय दिलाने वाला हो। जिससे समाज में अच्छी व्यवस्थ्ाा लागू हो सके और अच्छे समाज की कल्पना की जा सके जिससे समाज व देश का विकास हो सकेगा । हम इससे हम स्ाभी को इसका लाभ मिल सकेगा।