गाजीपुर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए अब तक लगभग 600 ने आवेदन किया है। वर्तमान में आवेदनपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। समाज कल्याण विभाग का दावा है कि जल्द ही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह की तिथि का निर्धारण कर दिया जाएगा। बीते 25 जनवरी को बलिया में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा का मामला प्रकाश में आने के बाद जिला प्रशासन व समाज कल्याण विभाग सतर्क है। इस बार त्रिस्तरीय जांच की व्यवस्था की गई है। ब्लॉक, विभागीय जांच के बाद जनपदस्तरीय कमेटी सत्यापन करेगी। गरीब बेटियों की शादी में सहूलियत मिल सके, इसके लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। वर्तमान में समाज कल्याण विभाग मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के आयोजन की तैयारियों में जुटा है। एक ओर जहां आवेदनपत्रों की जांच की जा रही है, तो दूसरी तरफ जरूरी सामग्रियों के इंतजाम के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी चल रही है।
एक शादी पर खर्च होते हैं 51 हजार : मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक शादी पर विभाग की ओर से 51 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं। 35,000 रुपये वधू के बैंक खाते में भेजा जाता है। 10 हजार रुपये से गृहस्थी का सामान खरीदकर नवविवाहित जोड़ों को बतौर उपहार दिया जाता है। छह हजार रुपये शादी के आयोजन पर खर्च होते हैं।
ऑनलाइन किया जाता है आवेदन : मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। योजना का लाभ पाने के लिए पहली शर्त यह है कि कन्या के अभिभावक मूल निवासी हो। शादी की तिथि तक कन्या की आयु 18 व लड़के का आयु 21 वर्ष होना चाहिए। योजना में गरीब व निराश्रित परिवार को प्राथमिकता दी जाती है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए अब तक लगभग 600 आवेदन मिले हैं। इसकी तैयारियों में विभाग जुटा है। जल्द ही तिथि का निर्धारण कर दिया जाएगा।- रामनगीना यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी