शहर के नवापुरा घाट से पत्थरों को जेसीबी मशीन से हटाते नगर पालिका कर्मी। संवाद
गाजीपुर। डाल छठ का महापर्व शनिवार से नहाय खाय के साथ शुरू होगा। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व के लिए लोगों ने घरों में तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं, बाजारों में भी रौनक है। जिले में भी बड़ी संख्या में लोग छठ मनाते हैं, इसलिए शहर के प्रमुख छठ घाटों की साफ-सफाई कर बेहतर बनाया जा रहा है। पुलिस विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले के 593 घाटों पर छठ पूजा का आयोजन होगा। इनमें 91 पक्के व 502 घाट कच्चे है। पक्के घाट नदियों के किनारे बने है, जबकि कच्चे घाट गांवों में तालाबों व पोखरों के किनारे बने है। डाला छठ को लेकर पुलिस ने व्यापक तैयारियां की है।शेरपुर गांव निवासी मुनींद्र नाथ उपाध्याय ने बताया कि चार दिवसीय छठ पर्व में सूर्य देव की पत्नी (ऊषा) व माता छठी की पूजा की जाती है। सूर्य देवता की पूजा का महत्व पुराणों में निकलता है। शनिवार को नहाय खाय के साथ व्रती व्रत को शुरू करेंगे एवं रविवार को दूसरे दिन खरना का कार्यक्रम होगा। तीसरे दिन सोमवार को सुबह पूजा के लिए प्रसाद तैयार करते हुए व्रती शाम को डूबते हुए सूर्य को पहला अर्घ्य देंगे। वहीं, मंगलवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही व्रत का समापन होगा। दिन प्रतिदिन बढ़ रहे पर्व के महत्व को देखते हुए बाजारों की भी रौनक बढ़ गई है। शहर में दुकानों पर व्रती व उनके परिवार के सदस्य कपड़े व पूजा से जुड़े अन्य आवश्यक सामग्रियों की खरीददारी करते मिले।
सैदपुर : क्षेत्र में डाला छठ की तैयारियां जोरों पर हैं। बाजार में लोग पूजन सामग्रियों की खरीदारी कर रहे हैं। बूढ़ेनाथ महादेव, पक्का घाट, संगत घाट, रंगमहल घाट, रामघाट पर साफ-सफाई का कार्य पूजन समितियों की ओर से कराया जा रहा है। भांवरकोल : डाला छठ पर्व को लेकर क्षेत्र के शेरपुर, बच्छलपुर, सेमरा, शेरपुर कला, शेरपुर खुर्द, फिरोजपुर, वीरपुर, पलिया, लोहारपुर आदि गंगा घाटों पर सफाई का कार्य किया गया।