राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट की ओर से अपनी मांगों को लेकर सोमवार को सिटी रेलवे स्टेशन से जुलूस निकाला गया। हाथों में छोलनी, छनवटा, बेलन लेकर चल रही रसोइया एक हजार में दम नहीं छह हजार से कम नहीं का नारा लगाते चल रही थीं। विभिन्न रास्तों से होते हुए सरजू पांडेय पार्क इन लोगों ने नारे बाजी कर प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर आयोजित सभा में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव जुल्फेकार अली ने कहा कि वर्तमान समय में रसोइयों की स्थिति बंधुआ मजदूरों से भी बदतर है। न तो इन्हें काम की सुरक्षा है और न ही जीने लायक पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है। रसोइयों का शोषण किया जा रहा है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश संयोजक रमेशचन्द्र ने कहा कि काम के बदले उचित मजदूरी भुगतान करना सरकार की बाध्यता होनी चाहिए। उन्होंने
चेतावनी दी कि अगर मांग पूरी नहीं की जाती हैै तो आंदोलन तेज किया जाएगा। मीडिया प्रभारी रामसजीवन ने कहा कि एमडीएम योजना को ठेेकेदारी प्रथा से जोड़्ना एक बड़ी साजिश है। इसका विरोध किया जाएगा। इसमें 10 मार्च को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित धरना-प्रदर्शन एवं घेराव कार्यक्रम को कामयाब बनाने की उन्होंने अपील की। उन्होंने रसोइयों से एकजुट होकर हक के लिए आगे आने की अपील की। इस अवसर पर शंभू राय, शबाना खातून सहित कई अन्य महिलाएं उपस्थित थीं। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सतीश वर्मा एवं संचालन साधना ने किया।