फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: मानसून में सूखी पड़ीं नहरें, पानी के इंतजार में किसानों के छूट रहे पसीने

विज्ञापन
गहमर गांव में सुखी पड़ी चौधरी चरण सिंह पंप नहर। संवाद - फोटो : 1
विज्ञापन
गाजीपुर। जनपद से 1,490 किलोमीटर लंबी नहरें गुजरी हैं। इनमें से अधिकांश नहरें सूखीं हैं। जिन नहरों में पानी है, वहां टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके कारण किसानों के धान की रोपनी का कार्य प्रभावित हो रहा है। जिले में 5.31 लाख किसान हैं।
विज्ञापन

इस बार जनपद में 1.30 लाख हेक्टेयर में धान की खेती की जा रही है। जिले में एक तो समय से बारिश नहीं हुई और दूसरी ओर नहरों ने भी दगा देने का काम किया। इसके बावजूद कृषि विभाग का दावा है कि अब तक जनपद में करीब 60 प्रतिशत धान की रोपनी हो चुकी है।
ऐसी स्थिति में किसानों ने मौसम व नहरों में पानी के इंतजार करने के बजाए खुद के संसाधनों से धान की रोपनी करना बेहतर समझा।
दूसरी तरफ जो किसान आर्थिक रूप से कमजोर हैं, वह ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि दो दिनों से बारिश का जो दौर शुरू हुआ है, वह आगे भी बरकरार रहे।
नहरों में पानी का इंतजार करते-करते धान की रोपनी का सीजन खत्म हो जाएगा। विभाग से किसानों की उम्मीदें टूट चुकी हैं। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी नहरों में पानी नहीं आ रहा है। कृषि विभाग के अनुसार अब तक जिले में करीब 60 प्रतिशत तक धान की रोपनी का कार्य हो चुका है। पिछले वर्ष 19 जुलाई तक जिले में 61.05 प्रतिशत तक धान की रोपनी हुई थी।
विज्ञापन

47,267 हेक्टेयर में नहरों से होती है सिंचाई : नहरों से जिले में 47,267 हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई होती है। मध्यम वर्ग व गरीब किसानों की खेती के लिए नहरें लाइफ लाइन का काम करती हैं।
लेकिन धान की रोपनी के सीजन में भी नहरों में पर्याप्त पानी न होने के कारण किसान किराये पर पानी की व्यवस्था करके खेती का काम कर रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक चपत लग रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें