अपराध पर नियंत्रण और निगरानी के लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। इसको लेकर जिला और पुलिस प्रशासन की ओर से जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे। वहीं वर्तमान समय में महुआबाग और सिटी रेलवे स्टेशन के परिसर के बाहर कैमरे लगाए गए हैं, जिससे निगरानी की जाती है। हालांकि अभी भी आधा दर्जन से ऊपर सार्वजनिक स्थल हैं, जहां कैमरे लगाए जाने है।
अपराध पर अंकुश एवं अपराधियों की धर-पकड़ के लिए सीसी टीवी कैमरे की महत्वपूर्ण भूमिका है। इससे अपराधियों को चिन्हित करने और उन्हें दबोच कर घटना का पर्दाफाश करने में पुलिस टीम को काफी सहायता मिलती है। नगर क्षेत्र के मात्र दो स्थानों महुआबाग और सिटी रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर कैमरे लगाए गए हैं। जबकि लंका, मिश्रबाजार, लालदरवाजा, रौजा, विशेश्वरगंज, गोराबाजार, सिंचाई विभाग चौराहा सहित कई अन्य प्रमुख स्थान हैं, जहां इसको लगाने की जरूरत है। हालांकि शहर में लगे दो स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे की सहायता से पुलिस चोरी की घटनाओं और चेन स्केचिंग जैसे मामलों का पर्दाफाश कर चुकी है। ऐसे में सार्वजनिक स्थलों को चिन्हित करने और उनकी निगरानी सीसी टीवी कैमरों से करने के लिए पुलिस प्रशासन ने ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है। इस संबंध में एसीपी सिटी गोपीनाथ सोनी ने बताया कि प्रमुख बाजारों एवं प्रमुख स्थान भी सीसीटीवी कैमरे की जद में होंगे। इसको लेकर ठोस रणनीति तैयार की जा रही है।
केस संख्या - एक
पिछले वर्ष 21 जून को कलेक्ट्रेट परिसर से सोलर पैनल की चार बैटरी और आठ सीसीटीवी कैमरे का वायर काटकर चोर फरार हो गए थे। पुलिस टीम मुकदमा दर्ज करने के बाद सीसीटीवी कैमरे के सुरक्षित फुटेज के सहारे चोरों को जहां चिन्हित कर सकी। वहीं घटना का पर्दाफाश करते हुए इसमें शामिल अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने में कामयाब रही।
केस संख्या- दो
बीते नवंबर माह में शहर में हुई चेन स्केचिंग के मामले में पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के सहारे ही उचक्कों को चिन्हित किया। साथ ही उन उचक्कों को गिरफ्तार कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजने का काम किया। वहीं स्टेशन रोड चोरी गई बाइक भी पुलिस ने सीसीटीवी के सहारे ही बरामद करने के साथ अपराधी को जेल भेजकर मामले का पर्दाफाश किया था।