बेसो नदी पर बने कठवा मोड़ पुल को तोड़ती जेसीबी और नीचे से गुजरते वाहन।
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कठवामोड़। बेसो नदी पर बनाए गए कठवा मोड़ के पुराने पुल को तोड़ने का काम जोर-शोर से चल रहा है। पहले चरण में पश्चिमी भाग की तरफ से ब्रेकर मशीन से पुल की रेलिंग और अन्य हिस्सों को गिराया जा रहा है। विकल्प के रूप में पुल के नीचे से बने बाईपास से आवागमन चल रहा। लेकिन यहां लग रहा जाम लोगों को परेशान कर रहा। जबकि दूसरी तरफ पुल टूटने से उड़ रही धूल लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बन रही है।
बेसो नदी पर बना यह पुल करीब सात दशक पुराना था। जर्जर और दरार पड़ जाने तथा एक पाए के धंस जाने से इस पर भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। दो साल से इसपर हल्के वाहन ही चल रहे थे। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नीचे से एक बाईपास सड़क बनायी गई है। जहां बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। हिचकोले खाते लोग धूल के बीच उधर से गुजर रहे हैं। 22 फरवरी को बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और मोहम्मदाबाद की विधायक अलका राय ने पुल का शिलान्यास किया था। पुल को कार्यदायी संस्था मित्तल ब्रदर्स इंजीनियर्स एण्ड कांट्रेक्टर बना रहा है। कठवा मोड़ से दो मार्ग निकलते हैं। एक भरौली की तरफ तथा दूसरा कासिमाबाद की तरफ चला जाता है। इसे लेकर इस सड़क पर हमेशा वाहनों का दबाव बना रहता है। इस पुल से कासिमाबाद, रसड़ा, देवरिया, सलेमपुर, के अलावा भरौली होते हुए बिहार के बक्सर पटना माझी घाट आदि जाते है। कार्यदायी संस्था के अभियंता कार्तिकेय तिवारी ने बताया कि पुल 15 दिन में तोड़ दिया जाएगा। पुराने जगह पर ही फोरलेन के अनुसार नया पुल बनाया जाएगा। इसे पूूरा होने में डेढ़ साल लग जाएगा।