गाजीपुर। सुख-शांति और समृद्धि की कामना को लेकर किया गया नवरात्र का व्रत बुधवार को पारण के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर कई व्रती महिलाओं एवं पुरुषों ने कन्याओं को घर बुलाकर भोजन कराया। इसके बाद खुद पारण कर व्रत को समाप्त किया। इन आयोजनों के चलते जिले के हर क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना रहा।
नवरात्र में कन्याओं का पूजन देवी के रूप में किया जाता है। इन्हें भोजन, फल, कपड़ा तथा मुद्रा आदि देकर प्रसन्न किया जाता है। दुर्गा तथा लक्ष्मी के रूप में कन्याओं का पूजन करने वालों के घर धन, सुख तथा समृद्धि बनी रहती है। इसी परंपरा के निर्वहन के क्रम में विभिन्न घरों में व्रती महिलाओं तथा पुरुषों ने कन्या भोज कराया। घरों में कलश स्थापित कर नवरात्र का व्रत करने के बाद इस परंपरा को निभाया जाता है। कन्या भोज के बाद व्रती खुद भी अन्न ग्रहण कर पारण करते है। इस मौके पर मां दुर्गा के नवम रूप सिद्धिदात्री की पूजा आरती की जाती है। लोग रात्रि जागरण कर भजन-पूजन करते रहे। इसके चलते चारों ओर धार्मिक वातावरण बना रहा। कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी कन्याओं को भोजन कराया गया।