गाजीपुर। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रेवतीपुर क्षेत्र के दो गांवों विरऊपुर और हसनपुरा का संपर्क अन्य गांवों से कट गया है। यहां आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। गहमर इलाके के खेतों में करीब साढ़े तीन फीट तक जलभराव हो गया है।
किसान खेतों में आवागमन के लिए नाव पर निर्भर हो गए हैं। वहीं, पशुओं के सामने हरे चारे का संकट हो गया है। दूसरी तरफ गंगा और गोमती से कटान भी तेज हो गई है। शनिवार की शाम छह बजे डेढ़ सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा खतरा बिंदु के मुहाने पर पहुंच गई। केंद्रीय जल आयोग के गेज पर गंगा का जलस्तर 62.870 मीटर दर्ज किया गया। जबकि खतरा बिंदु 63.105 मीटर है।
नगर के गंगा घाटों खिड़की घाट, पोस्ता घाट, अंजनी घाट, रामघाट, चीतनाथ, गोलाघाट, कलक्टर घाट, ददरी घाट से बहने वाले नालों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे ओवरफ्लो हो रहा है। डीएम आवास वाले नाले में भी बाढ़ का पानी फैल रहा है। गंगा घाटों की ज्यादातर सीढि़यां डूबी हुई हैं।
वहीं जनपद में बाढ़ के कारण 235 बीघा फसल जलमग्न हो चुकी है। इनमें सब्जी, चारी, बाजरा आदि फसलें शामिल हैं। भांवरकोल क्षेत्र के फिरोजपुर, धर्मपुरा, कठार, आमघाट आदि गांवों में 50 किसानों की 10 बीघा खेत जलमग्न हो गया है। फिरोजपुर, धर्मपुरा धीरे-धीरे बाढ़ के पानी से घिर रहा है।
भांगड़ नाले में बाढ़ का पानी ओवरफ्लो कर रहा है। मुबारकपुर मौजा से गहमर सिवान तक एक बीघा कृषि योग्य भूमि गंगा में समा गई।
गहमर : रेवतीपुर-करहिया बाइपास मार्ग पर विरऊपुर के पास 200 मीटर के दायरे में चार फीट बाढ़ का पानी इकट्ठा हो चुका है। विरऊपुर व हसनपुवा गांव के मुख्य मार्ग पर साढ़े तीन फीट तक बाढ़ का पानी पसरा हुआ है। दोनों गांवों के पीछे के मार्ग की पुलिया टूट चुकी है।
पुलिया के साइड से लोग एक दिन पहले तक आवागमन करते थे। लेकिन, अब पुलिया के साइड में भी बाढ़ का पानी आ चुका है। इसके कारण इस मार्ग पर भी आवागमन बंद हो गया है।
इस वजह से दोनों गांवों की 5 हजार की आबादी अपने गांव में ही सिमट कर रह गई है। अन्य गांवों से संपर्क कट टूट है। कामाख्या धाम-रेवतीपुर बाइपास के पास खेतों में साढ़े तीन फीट तक पानी लग गया है।
प्रशासन की ओर से दोनों गांवों के मुख्य मार्ग पर प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था करने की कोशिश की गई लेकिन रास्ते में एक बबूल का पेड़ गिरे होने के कारण ऐसा नहीं हो पाया।
दोनों गांवों के उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र जो गहमर डिग्री कॉलेज में पठन-पाठन के लिए जाते हैं, रास्ता बंद होने के कारण जा नहीं पा रहे हैं। क्षेत्र में 100 बीघा खेती बाढ़ से अब तक बर्बाद हो चुकी है। इसमें सब्जी, चरी, केला आदि शामिल हैं।
औड़िहार : सैदपुर के निचले इलाके पटना, चकेरी, शादीभादी, फुलवारी, फुलवारी कला, देवचंदपुर, जौहरगंज से लेकर औड़िहार तक के खेतों में तेजी से पानी पसर रहा है। 50 किसानों की सब्जी के 100 बीघा खेत जलमग्न हो चुके हैं।
करंडा : मैनपुर के सरजू नाला में गंगा के बाढ़ का पानी आ चुका है। एक फीट और पानी बढ़ा तो करंडा, लखंचदपुर, मैनपुर, तुलापट्टी, रामनाथपुर, गोशंदेपुर, गद्दोपुर आदि गांवों के 500 बीघा खेत जलमग्न हो जाएंगे।