शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह बनाए गए आकर्षक तथा भव्य पंडालों में रविवार रात में मां दुर्गा समेत अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित कर दी गईं। सोमवार को शुभ मुहूर्त में मंत्रोच्चार के बीच देवी प्रतिमा के पट खोले जाएंगे। इसके बाद भक्त मां का दर्शन शुरू हो जाएगा।
दर्शन पूजन का क्रम लगातार नवमी तक बना रहेगा। इस मौके पर पंडालों में विभिन्न प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों के साथ ही जगराता और देवी गीत-संगीत आदि का आयोजन किए जाएंगे। विभिन्न पूजा समितियों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नवरात्र में सप्तमी तिथि से ही दुर्गापूजा की धूम शुरू हो जाती है। पंडालों में देवी की प्रतिमाओं के दर्शन का क्रम भी नवमी तक चलता है। सप्तमी के एक दिन पहले रविवार को शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पंडालों को अंतिम रूप दिया गया।
कई पूजा कमेटियों के लोगों ने जहां सुबह ही पंडाल में प्रतिमा स्थापितकर दिया, वहीं अधिकांश पूजा कमेटियों के लोगों ने रात में प्रतिमा की स्थापना की।
सप्तमी के दिन सोमवार को विधिवत हवन-पूजन के बाद देवी के पट खोले जाएंगे। शाम से देवी के दर्शन-पूजन का क्रम शुरू हो जाएगा। जिले में कुल 391 दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना की गई है।
शहर के लाल दरवाजा, मिश्रबाजार, महुआबाग, झुन्नूलाल का चौराहा, सकलेनाबाद, सिटी रेलवे स्टेशन, नवाबगंज, चीतनाथ, स्टीमरघाट, नखास सहित कुल 65 प्रतिमाएं पंडालों में स्थापित की गई है।