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Ghazipur News: जिले में बनेगी बायो गैस, जून से रोज तीन टन होगा उत्पादन

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मेदनीपुर गांव में निर्माणाधीन बॉयो एनर्जी प्लांट। स्रोत- स्वयं
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गाजीपुर। जिले में रोज तीन टन बायो गैस यानि सीबीजी (संपीड़ित जैव गैस) का उत्पादन होगा। इसके लिए जनपद के जमानियां तहसील के मेदनीपुर गांव में करीब 19 करोड़ से मानस कंस्ट्रक्शन की ओर से बॉयो एनर्जी प्लांट लगाया जा रहा है। प्लांट में सीबीजी का उत्पादन नेपियर घास और गाय के गोबर की मदद से तैयार की जाएगी। इसके साथ ही प्लांट से रोज 20 टन सूखी जैविक खाद व 20 हजार लीटर तरल जैविक खाद का उत्पाद होगा। जून से इसका उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
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मानस कंस्ट्रक्शन के डायरेक्टर धनंजय राय ने बताया कि इसके लिए प्लांट को रोज 60 टन नेपियर घास और 20 टन गोबर की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए कंपनी की ओर से क्षेत्र के किसानों को नेपियर घास की खेती करने के लिए प्रेरित करने के साथ उनके साथ अनुबंध कर रही है। बताया कि इसके लिए 160 बीघा क्षेत्रफल में नेपियर घास की खेती कराने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि गाय के गोबर के लिए जिले में संचालित डेयरी से अनुबंध किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि करीब तीन एकड़ क्षेत्रफल में कंपनी का निर्माण चल रहा है, जो जून के पहले सप्ताह में पूरा हो जाएगा और जून के अंत में प्लांट का संचालन शुरू हो जाएगा। वहीं, उद्योग विभाग के निवेश मित्र आकाश राय ने बताया कि प्लांट शुरू होने पर करीब 100 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा।
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चार गांवों के 20 किसानों से हुआ करार

धनंजय राय ने बताया कि प्लांट को संचालित करने के लिए जरूरी नेपियर घास के लिए कंपनी की ओर 160 बीघा में नेपियर घास उगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत अब तक चार गांवों सुहवल, ताड़ीघाट, मेदनीपुर और डूहियां गांव के करीब 20 से अधिक किसानों से अनुबंध हुआ है, जबकि अन्य गांवों में अनुबंध की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा उत्पादित होने वाली सीबीजी गैस की खपत के लिए इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड के साथ 15 वर्ष करार हुआ है। जिसके तहत आईओसीएल कंपनी को रिटेल प्वाइंट उपलब्ध कराएगी, जहां गैस टैंकरों की माध्यम से गैस आपूर्ति की जाएगी।

प्लांट में उत्पादित होने वाली जैविक खाद को कृषि विभाग की मदद से किसानों को मुहैया कराया जाएगा। ताकि खेतों की उर्वरा क्षमता बढ़ाने के साथ ही उत्पादन बढ़ सकें। - आकाश राय, निवेश मित्र उद्योग विभाग
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