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Ghazipur News: रक्षाबंधन पर भद्रा की छाया, आज दोपहर बाद भाइयों की कलाई पर सजेगी राखी

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गाजीपुर। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन सोमवार को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन पर इस बार फिर भद्रा की छाया रहेगी। भद्रा के कारण बहनें अपने भाई की कलाई पर दोपहर 1.25 बजे के बाद राखी बांध सकेंगी। रक्षाबंधन पर बुधादित्य, सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग के साथ ही श्रवण नक्षत्र का संयोग बन रहा है। सावन के पांचवें सोमवार का संयोग भी इस त्योहार को बेहद खास बना रहा है। स्नान और दान की पूर्णिमा में भक्त गंगा स्नान करेंगे।
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पं. मुनींद्र उपाध्याय ने बताया कि रक्षाबंधन पर दो बड़े ग्रह सूर्य और शनि अपनी राशि में रहेंगे। सूर्य अपनी सिंह राशि में रहेंगे तो शनि कुंभ राशि में विराजमान होंगे। सूर्य और बुध दोनों के सिंह राशि में होने से बुधादित्य योग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र में यह योग सुख, समृद्धि और व्यापारिक क्षेत्र में प्रगतिदायक माना जाता है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि और शोभन योग भी संपूर्ण दिन व्याप्त रहेगा। यह शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। इस दिन श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र का संयोग बन रहा है।
श्रवण नक्षत्र सुबह 8:49 तक रहेगा। इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र संपूर्ण दिन व्याप्त रहेगा। ये दोनों नक्षत्र ही शुभ माने गए हैं। भद्रा 18 अगस्त की अर्धरात्रि के बाद 3:06 बजे से 19 अगस्त को दिन में 1:31 बजे तक रहेगी। इसलिए भद्रा काल में रक्षाबंधन पर्व मनाना वर्जित है। इसलिए भद्राकाल समाप्त होने के बाद ही रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। दोपहर 2:02 बजे से शाम 6:30 बजे तक क्रमशः चर, लाभ,अमृत, व चर के अच्छे चौघड़िये रहेंगे। इसलिए इस समय के दौरान रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाना शुभ रहेगा। पूर्णिमा 19 अगस्त को रात्रि 11:56 बजे तक रहेगी।
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ब्रेसलेट वाली राखी की मांग अधिक



त्योहार को लेकर मिश्रबाजार, महुआबाग, स्टेशन रोड, लंका, गोराबाजार, रौजा, स्टीमरघाट, चीतनाथ आदि मुहल्लों के साथ ही विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में राखी की अस्थाई दुकानें सजी हैं। दूरदराज रहने वाले भाइयों को भेजने के लिए बहनों की तरफ से काफी पहले ही राखी की खरीदारी कर ली गईं थी। डिजाइनर, चंदन एवं स्टोन वाली राखियों की मांग अधिक रही। ब्रेसलेट वाली राखी को लेकर भी क्रेज दिखा। नन्हे-मुन्ने भाइयों के लिए रंग-बिरंगी विशेषकर कार्टून चरित्रों पर आधारित राखियों की खरीदारी की गई। धागे वाली राखियां पांच से 100 रुपये, कार्टून वाली राखी की कीमत 20 से 50 रुपये तक रही। लाइट वाली राखियां 30 से 60 रुपये तक में खरीदी गई। आरती वाली थाली की बिक्री 160 रुपये में की गई।



बहनों ने सात समुंदर पार भेजी नेह की डोर
गाजीपुर। विभिन्न महानगरों के साथ ही सात समुंदर पार रह रहे भाइयों को नेह की डोर बांधने के लिए बहनों की तरफ से राखियां भेज दी गईं हैं। नेपाल, सउदी अरब, थाईलैंड, अमेरिका और इंग्लैंड के लिए दस राखी डाक घर से भेजी गई है। बहनों की तरफ से जुलाई माह से ही इसकी बुकिंग शुरु करा दी गई थी। शहर सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले भाइयों को समय से राखी मिल जाए इसको लेकर डाक विभाग की तरफ से रविवार को विशेष व्यवस्था की गई थी। अपने 41 वितरण डाकघरों से पोस्टमैन के जरिए राखियों का वितरण कराया गया। डाक अधीक्षक पीके पाठक ने बताया कि राखी का समय से वितरण कराने के लिए रविवार को सभी वितरण डाकघर खुले रहे।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

दोपहर 1:31 से शाम 6:30 तक का समय राखी बांधने के लिए सबसे उपयुक्त, लाभामृत मुहूर्त का संयोग दोपहर में 3.40 बजे से शाम 6.50 बजे तक रहेगा। राखी बांधने के लिए लाभामृत मुहूर्त सबसे सर्वोत्तम मुहूर्त है।
रक्षासूत्र धारण करने से दूर होते हैं रोग

भविष्यपुराण के अनुसार विधि-विधानपूर्वक रक्षासूत्र धारण करने पर व्यक्ति के समस्त रोग उससे दूर रहते हैं। उसे जीवन भर आरोग्य सुख मिलता है। रक्षासूत्र धारण करने पर जाने अनजाने जो भी अशुभ कार्य होते हैं, वे सभी नष्ट हो जाते हैं। श्रावण पूर्णिमा या रक्षाबंधन पर अपने कुलपुरोहित या श्रेष्ठ विद्वतजन से अपनी कलाई पर रक्षासूत्र अवश्य बंधवाना चाहिए। तत्पश्चात उन्हें यथा सामर्थ्य भेंट व नकद द्रव्य देकर उनसे आशीर्वाद लेना चाहिए।
जन्मतिथि के अनुसार बांधे राखी
पं. मुनींद्र उपाध्याय ने बताया कि जन्मतिथि और राशि के अनुसार बहनें राखी बांधें तो भाइयों के सौभाग्य में वृद्धि होगी और उनके जीवन में खुशहाली भी आएगी। सामान्यत: सुनहला, पीला और लाल रंग की राखी बांधने का रिवाज है।
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जन्मतिथि- रंग

1, 10, 19, 28 - लाल, गुलाबी, नारंगी
2, 11, 29 - चमकीला सफेद और क्रीम

3, 12, 21 और 30 - पीला या सुनहला पीला
4, 13, 22, 31 - चमकीला व मिश्रित चटकीला रंग

5, 14, 23 - चमकीला सफेद व सफेद
7,16,25 - चमकीला व मिश्रित रंग

8,17,26 - नीला व भूरा रंग
9,18,27 - लाल, गुलाबी, नारंगी

राशि के अनुसार
मेष-लाल, गुलाबी, नारंगी

वृषभ-सफेद व क्रीम
मिथुन-हरा व फिरोजी

कर्क-सफेद व क्रीम
सिंह-केसरिया, लाल व गुलाबी

कन्या-हरा व फिरोजी
तुला-सफेद व हल्का नीला

वृश्चिक- नारंगी, लाल व गुलाबी
धनु-पीला व सुनहरा

मकर व कुंभ-भूरा, स्लेटी व ग्रे
मीन-पीला व सुनहरा
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