माहेपुर गांव में घटना स्थल के पास बैरिकेडिंग लगाने को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
करंडा । थाना क्षेत्र के माहेपुर गांव में गांगी नदी में डूबने से सगे भाई-बहन की मौत के एक दिन बाद भी नदी किनारे बैरिकेडिंग नहीं लगाए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने प्रदर्शन करके आरोप लगाया कि हादसे के बाद भी जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं।
माहेपुर गांव निवासी गुंजन, रामाधार, विरेंद्र, रामनाथ बिंद ने बताया कि लगातार बारिश के कारण गांगी नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। कई स्थानों पर पानी काफी गहरा है। इसके बावजूद नदी किनारे न तो बैरिकेडिंग कराई गई है और न ही लोगों को सतर्क करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते तो इस तरह की घटना नहीं होती।
मांग की कि नदी के खतरनाक घाटों पर तत्काल बैरिकेडिंग कराई जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाए और बरसात के मौसम में संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की व्यवस्था की जाए, जिससे भविष्य में कोई और हादसा न हो।
शुक्रवार की सुबह करंडा थाना क्षेत्र के माहेपुर गांव निवासी संतोष बिंद के पुत्र कृष्णा बिंद (3) और पुत्री प्रिया बिंद (5) की गांगी नदी में डूबने से मौत हो गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था।