कैश किल्लत की समस्या बन रही सिरदर्द
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रोजमर्रा के सामानों की खरीदारी करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गृहस्थ खेतों में उपजे अनाजों को बेचकर सामनों की पूर्ति कर रहे हैं। यहीं नहीं करीब एक सप्ताह से ग्रामीण संयुक्त बैंक की तिजोरी खाली होने से खाताधारकों को अपने ही पैसे के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है।
दुबिहा संवाददाता के अनुसार रबी की बुआई करने के लिए खाद-बीज के दूकानों से उधार नहीं मिलने से किसान काफी चिंतित दिख रहे है। खासकर शादी-विवाह कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए दूसरों पर आश्रित होना पड़ रहा है।
करीमुद्दीनपुर संवाददाता के अनुसार यूबीआई में पूरे दिन खड़े रहने के बावजूद भी खाता धारको को कैस नहीं मिलने से मायूस होकर अपने घर बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है। जबकि बैंक कर्मचारी सिर्फ खाता धारकों को आज-कल कैश मिलने का आश्वासन देकर अपना पिछड़ा छुड़ाने में लगे हुए है। पहराजपुर निवासी हरिद्वार सिंह ने बताया कि दवा लेने इलाहाबाद स्थित अस्पताल जाना है। लेकिन बैंक से पैसा नहीं मिलने के चलते तीन दिनों से लगातार बैंक का चक्कर काटने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
जखनिया संवाददाता के अनुसार यूनियन बैंक की शाखा में कैश लेने के लिए सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और वृद्घ कतार में खड़े रहे। लगातार छह दिनों से खाता धारकों को पैसा नहीं मिलने से कर्मचारियों को इनके आक्रोश का सामना करना पड़ा। शाखा प्रबंधक एमपी सिंह ने बताया कि भुगतान के लिए कैस की वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई है। खाता धारक अपनी आवश्यकता अनुसार ही बैंक से निकासी करें। जिससे अन्य खाता धारकों को कोई परेशानी न हो। जबकि स्टेट बैंक शाखा में ग्राहकों को पांच हजार ही भुगतान किया गया।
कासिमाबाद संवाददाता के अनुसार सिधागर स्थित यूबीआई की शाखा में रुपये न मिलने से नाराज खाता धारकों ने शुक्रवार की दोपहर गाजीपुर-कासिमाबाद रसड़ा मार्ग को जाम कर दिया। जानकरी होने पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। तब जाकर कहीं जाम समाप्त हुआ।