स्टेट बैंक की शाखा में बुधवार को रुपये निकालने पहुंची महिला ग्राहकों के साथ बैंक कर्मियों ने मारपीट और अभद्रता की। महिला ग्राहकों का आरोप है कि पहले बैंक बंद कर उनकी पिटाई की गई और पीटने के बाद उन्हें बैंक से बाहर निकाल दिया गया। घटना से आहत महिलाओं ने कासिमाबाद चौराहे पर पहुंचकर बैंककर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए चक्काजाम कर दिया। लगभग दस मिनट बाद पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। इस दौरान एक महिला ग्राहक की तहरीर पर पुलिस ने शाखा प्रबंधक और कैशियर के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
इलाके के मरदह थाने की जसौली गांव निवासी रेनू पांडेय ने बताया कि उसकी बहन विनीता का खाता कासिमाबाद स्थित एसबीआई ब्रांच में है। वह उसके साथ बैंक में पैसा निकालने गई थी। उनके साथ कासिमाबाद थाना क्षेत्र के शहाबुद्दीनपुर ग्राम पंचायत कादीपुर गांव निवासी सावित्री यादव भी थीं। बताया कि जब हम लोग कैशियर के काउंटर पर पहुंचे, तो वह भड़क गए। कैशियर ने हम लोगों के साथ काउंटर पर दुर्व्यवहार किया। विरोध करने पर गाली-गलौज करने लगे।
कैशियर ने खाते में रुपये नहीं होने की बात कही। हमलोगों ने सच्चाई जानने की कोशिश की तो वह हमें मारने-पीटने लगे। शाखा प्रबंधक ने बैंक का गेट बंद कर दिया और अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर मारापीटा। इसके बाद हम लोगों को बैंक से बाहर निकाल दिया। मजबूर होकर हम लोगों ने कासिमाबाद चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। जाम के बाद मामले को पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान में लिया और इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज किया गया। सीओ हृदयानंद कासिमाबाद ने बताया कि रेनू पांडेय की तहरीर पर शाखा प्रबंधक बाबादीन और कैशियर दीपक कुमार के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जांच-पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी। शाखा प्रबंधक से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल स्वीच ऑफ मिला।