िवत्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को लोकसभा में 2017-18 बजट पेश किया। बुधवार को एकसाथ आम बजट और रेल बजट पेश किया गया। बजट में मध्यम वर्ग को राहत मिली है। तीन लाख से ज्यादा के कैश ट्रांजैक्शन पर रोक पर जनपद के व्यापारियों सहित अन्य ने एतराज जताया। जबकि राजनीतिक गलियारे में भी 2000 से ज्यादा चंदा कैश न लेने पर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। जनपद के किसानों ने बजट को सही ठहराया है।
यहां के किसानों ने 60 दिन का ब्याज माफ सहित 40 फीसदी किसानों को कोऑपरेटिव सोसायटीज से क्रेडिट देने की सराहना की। इतना ही नहीं फसल बीमा योजना में 40 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी को किसान हीत में लिया गया सही फैसला बताया। किसान अब अपनी खेत की जमीन की मिट्टी का भी टेस्ट कर सकें।
वहीं जिले के कारोबारी भी आम बजट की सराहना की। वहीं तीन लाख तक की आय पर कोई कर नहीं लगाने की मिडिल क्लास ने सराहना की। जिले के छोटे कारोबारियों ने 50 करोड़ टर्नओवर तक केवल 25 टैक्स को सराहा। रेल और आम बजट में मनरेगा मजदूरों को स्थान दिए जाने तथा रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाने से लोगों ने सरकार की सराहना की है। वर्ष 2017-18 पांच लाख तालाब बनाने की घोषणा से मनरेगा मजदूर गदगद हैं। उधर जनपद के यूथ भी ''अच्छी क्वालिटी के इंस्टीट्यूट्स बनाए जाने के निर्णय से काफी राहत महसूस कर रहे हैं। ऑनलाइन फैसिलिटीज देने से उनके कोर्स भी पूरा हो सकेंगे। ''गरीबी के लिए सरकार ने एक्शन प्लान बनाया है। कई बड़ी बीमारियों से लोगों को मुक्ति दिलाने का काम किया है।