गाजीपुर। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू किए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार को बैंककर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। वह पूरे दिन हड़ताल पर रहे। बैंककर्मियों ने महुआबाग स्थित यूनियन बैंक व विशेश्वरगंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करके अपना रोष प्रकट किया। बैंककर्मियों के हड़ताल के कारण जनपद में करीब 300 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
जिला संयोजक यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस एवं यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के जिला मंत्री सत्येंद्र गुप्ता ने कहा कि 7 दिसंबर 2023 को हस्ताक्षरित एमओयू तथा 8 मार्च 2024 को जारी संयुक्त सेटलमेंट/जॉइंट नोट में शेष सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित किए जाने के संबंध में सहमति बनी थी। इसके बावजूद पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू न किया जाना बैंक कर्मचारियों के साथ न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से इस मांग को लेकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। बैंकिंग क्षेत्र में लगातार बढ़ते कार्यदबाव, कर्मचारियों की कमी तथा कार्य-जीवन संतुलन की आवश्यकता को देखते हुए पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था अब समय की मांग बन चुकी है।
जनपद में हड़ताल के दौरान 1000 से अधिक अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। 11 सितंबर की इस एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बाद भी अगर सरकार पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के संबंध में कोई ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। इसके तहत 28, 29 एवं 30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी अगर सरकार द्वारा मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो 26 अक्तूबर से देश भर के बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।
बैंक कर्मचारी संघर्ष नहीं चाहते, बल्कि अपनी जायज मांगों का सम्मानजनक एवं समयबद्ध समाधान चाहते हैं। सरकार के पास अभी भी वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने का अवसर है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि अनिश्चितकालीन हड़ताल की स्थिति उत्पन्न होने से पहले पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए। इस मौके पर राकेश यादव, सुनील यादव, आलोक प्रकाश, जितेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
इन बैंकों के कर्मियों ने किया हड़ताल
गाजीपुर। जनपद में पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में हड़ताल में शामिल रहे।
जनपद में बैंकों की संख्या - 12
शाखाएं - 350
एटीएम - 400
बैंकों पर लटके ताले, तो एटीएम रहे खाली
सुबह 10 बजे के बाद लोग बैंक पहुंचे, तो बैंकों पर ताले लटके मिले। लेनदेन के लिए लोग एटीएम गए। वहां पर एटीएम खाली मिले। पूरे दिन लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर काटते रहे। लेकिन सफलता नहीं मिली। हर एटीएम ने कैश के मामले में लोगों को दगा देने का काम किया।
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जनपद में बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण करीब 300 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। - राजदेव, एलडीएम
मायूस लौटे उपभोक्ता
लठठूडीह में विभिन्न मांगों को लेकर बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। इसकी वजह से बैंकिंग लेनदेन प्रभावित रहा। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने की वजह से जानकारी के अभाव में पहुंचे बैंक उपभोक्ताओं को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा।
कई बार हुआ प्रयास, लेकिन नतीजा निकला सिफर
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव पंकज राय ने कहा कि बैंक कर्मचारी व अधिकारी लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने तथा पेंशन संबंधित समस्याओं के समाधान करने की मांग कर रहे हैं। इन मांगों को लेकर लंबे समय से वार्ता व संवाद के माध्यम से समाधान का प्रयास किया जाता रहा, लेकिन कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। इस मौके पर मनोज सिंह, विपुल राय, मेधावी सिंह आदि मौजूद रहे।
शहर के विशेश्वरगंज स्थित बैंक को बंद कर नारेबाजी करते बैंककर्मी। संवाद
शहर के विशेश्वरगंज स्थित बैंक को बंद कर नारेबाजी करते बैंककर्मी। संवाद