कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए एक बार फिर जेल में कैदियों से मुलाकात पर रोक लगा दी गई है। साथ ही सैनिटाइजेशन और जांच की प्रक्रिया को दुरुस्त करने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। शासन के इस आदेश को जिला कारागार प्रशासन ने शनिवार से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया। मुुलाकात पर रोक अगले आदेश तक लगा रहेगा।
जेल में कैदियों से मुलाकात कोरोना की पहली लहर शुरू होने के बाद मार्च 2020 में बंद कर दी गई थी। दूसरे लहर के संक्रमण में कमी आने के बाद बीते वर्ष में 16 अगस्त को मुलाकात की व्यवस्था की गई थी। इसमें आरटीपीसीआर जांच निगेटिव आने और जो तीन दिन पूर्व का हो, उसे ही मुुलाकात का निर्देश जारी किया गया था। जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि शासन की ओर से मुलाकात पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। ऐसे में सैनिटाइजेशन एवं जांच को लेकर विशेष सतर्कता एवं एहतियात बरती जा रही है। साथ ही नए कैदियों को 14 दिन के लिए अलग बैरक में रखा जा रहा है। साथ ही जांच में संक्रमित कैदी मिलने पर जिला प्रशासन की ओर से बनाए गए एल-वन हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाएगा। वर्तमान समय में जेल में एक हजार कैदी हैं।