आजमगढ़ जिला कारागार से गुरुवार की रात दीवार फांद कर तीन अपराधी फरार हो गए। तीनों अपराधी गाजीपुर जनपद के नंदगंज, गहमर और मरदह थाने के रहने वाले हैं। इनके े भागने के बाद जनपद की पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस कप्तान रामकिशोर ने तत्काल एसओजी सहित दो टीमों को गठित कर अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगा दिया है। टीम जगह-जगह दबिश दे रही है। उधर आजमगढ़ की टीम भी सीमावर्ती क्षेत्रों में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
आजमगढ़ की जेल से गुरुवार की रात फरार तीनों अपराधी गाजीपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। फरार अपराधियों की तलाश में क्राइम ब्रांच और पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। आजमगढ़ में पुजारी की हत्या के मामले में तीनों को गिरफ्तार किया गया था। अपराधियों ने सदर कोतवाली क्षेत्र के सरैया गांव तथा भुतहियाटांड़ स्थित शिवपूजन नगर कालोनी में चार मई 2014 की रात वारदात को अंजाम दिया था। तीनों ने डकैती की घटना में अपने को शामिल होना बताया था। जेल से फरार बंदी जनपद के नंदगंज थाने के अगस्ता निवासी जितेंद्र मुसहर, गहमर थाने के मठिया निवासी चंद्रशेखर मुसहर और मरदह थाने के महाहर निवासी प्रकाश मुसहर शामिल हैं। इन तीनों को करीब सवा दो वर्ष पहले आजमगढ़ की मेहनगर पुलिस ने पुजारी की हत्या कर लूट के मामले में गिरफ्तार किया था।
पुलिस की पूछताछ ने इन अपराधियों ने कबूल किया था कि गाजीपुर सदर कोतवाली क्षेत्र के सरैया गांव तथा भुतहियाटांड़ स्थित शिवपूजन नगर कालोनी में चार मई 2014 की रात आधा दर्जन लोगों को मारपीट कर की गई डकैती में ये तीनों शामिल थे। घायल तेतरी देवी और नरेश की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस अधीक्षक रामकिशोर ने बताया कि बंदियों की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच सहित एक अन्य पुलिस टीम का गठन किया गया है, जो इनके घरों सहित संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।