पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने शुक्रवार को स्थानीय
औडि़हार जंक्शन का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टेशन पर गंदगी एवं तमाम
अनियमतताओं को देखकर उनकी त्योरी चढ़ी रही। उन्होंने नाराजगी जताते हुए
स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-2 पर चाय स्टाल पर स्थायी मूल्य तालिका न होने
पर वाणिज्य निरीक्षक बीके सिंह को निलंबित करने का निर्देश दिया। साथ ही
उन्होंने औडि़हार जंक्शन के मुख्य द्वार पर दो मंजिला विश्रामगृह बनाने की
बात भी कही।
महाप्रबंधक ने प्लेटफार्म नंबर-2 तथा 3 के बीच आधे-अधूरे
निर्माण के बारे में निर्माण खंड के अधिकारियों से कार्य लंबित होने के
बाबत जब बात की तो उनकी ओर से बजट राशि उपलब्ध न होने की बात कहते ही नाराज
जीएम ने कहा कि बहानेबाजी न करिए। इस प्रखंड से निर्माण के 8 करोड़ रुपये
वापस जा रहे हैं। निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए। ट्रैक रख-रखाव के
बारे में जानकारी लेते हुए स्टेशन अधीक्षक एसके सिंह से यात्री सुविधाओं और
ट्रेनों के परिचालन की जानकारी ली। स्टेशन के बाहरी हिस्से में कूड़े का
ढेर देखकर कहा कि स्वच्छता संबंधित अभियान के यहां पर पूरी तरह से
क्रियान्वित किया जाए।
उन्होंने स्टेशन से जुटे विभिन्न सुविधाओं की
जानकारी लेते हुए हाल ही में निर्मित प्लेटफार्म नंबर-1 के यात्री शेड और
फर्श की हालत ठीक न होने पर नाराजगी जताई और संबंधित निर्माण एजेंसी पर
नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। राजीव मिश्र ने कहा कि औडि़हार जंक्शन का
महत्व देखते हुए शीघ्र ही इसके रूप-रंग में परिवर्तन होगा। विभिन्न यात्री
सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। स्टेशन के मुख्य द्वार पर आकर्षक यात्री
विश्रामालय सहित दो मंजिला विश्रामगृह बनेगा। प्लेटफार्म नंबर-2-3 के बीच
लंबे अर्से के निर्माणाधीन विश्रामालय का निर्माण शीघ्र पूरा कराया जाएगा।
जल्द ही महिला प्रतीक्षालय पुन: अपने स्वरूप में होगा।
उनके निरीक्षण के
समय मंडल रेल प्रबंधक सतीश कश्यप, पूर्वोत्तर रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल के
महानिरीक्षक आरके शर्मा, आरपीएफ वाराणसी मंडल के वरिष्ठ कमांडेंट डीके
मौर्य, यातायात निरीक्षक एके सिंह, सहायक मंडल इंजीनियर वाराणसी खंड एके
सिंह, संतोष कुमार आदि मौजूद रहे। उधर जीएम राजीव मिश्र ने जखनिया रेलवे
स्टेशन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतीक्षालय और वाहन स्टैंड देखकर
उन्होेंने नाराजगी जताई।
अधूरा फुट ओवरब्रिज और प्लेटफार्म-2-3 के बीच
बदहाल खड़ंजा और पेयजल के लिए दो हैंडपंप देखकर मातहतों को सुविधाओं में
सुधार करने का निर्देश दिया। कहा कि वर्ष के अंत तक रेलवे स्टेशन की सूरत
बदल दी जाएगी। जीएम को सर्वदलीय संघर्ष समिति की ओर से पांच सूत्री ज्ञापन
सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने वालों में देवनारायण सिंह, गंगाधर पांडेय,
चंद्रभाल मिश्र, सर्वानंद चौबे, अवधेश यति, डा. विपिन कुमार आदि शामिल थे।
मिठाई स्टाल को कराया सील
तमाम प्रयासाें के बाद भी महाप्रबंधक ने धांधली को पकड़ लिया। रेल प्रशासन
द्वारा रोज चलने वाले ठेलाें को गंदगी न होने के लिए काफ ी संख्या में
हटवाया था। अपने चुने वेंडरों के सहारे नई वर्दी एवं टोपी में दुरुस्त
वेेंडराें की आड़ में तमाम खामियां छुपाने की जुगत जीएम की पैनी आंखों से
बच नहीं पाई।
जीएम ने प्लेटफ ार्म नंबर 2 पर ठेकेदार शाहनवाज के टी स्टाल
पर मूल्य तालिका स्टाल पर स्थायी न लिखकर प्लास्टिक के बोर्ड पर लिखी पाई।
वहीं प्लेटफ ार्म नंबर 2 और 3 के मध्य में मीठे के स्टाल को देखकर
उन्हाेंने ठेकेदार शाहिना के बारे में जानकारी ली और स्टाल के नियमतीकरण
लाइसेंस रजिस्ट्रेशन की जानकारी ली। रख-रखाव और मिठाई की क्वालिटी देखकर
भन्नाए जीएम ने स्टाल को सील करते हुए मिठाइयों के सैंपलिंग का भी आदेश
जीएम ने दिया।