मरदह महाहर धाम पर जाने वाले मरदह-महाहर मार्ग पर गोधनी नाले पर बना पुल जानलेवा साबित हो रहा है। पुल के दोनों तरफ मिट्टी गिराकर छोड़ दी गई है। सोमवार की सुबह एक स्कूल आटो अनियंत्रित होकर पुल से खड्ड में पलट गया। इस हादसे में आटो पर सवार 12 बच्चों को मामूली चोटें आईं। इसकी जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे अभिभावकों ने घटनास्थल पर प्रदर्शन कर पुल की सड़क को दुरुस्त कराने की मांग की।
मरदह-महाहर मार्ग पर गोधनी नाले पर जहूराबाद की विधायक सैय्यदा शादाब फातिमा के कोटे से 68 लाख रुपये की लागत से बनवाया है। इस पुल का निर्माण तो करा दिया गया है लेकिन ठेकेदार ने पुल के दोनों ओर मिट्टी डालकर छोड़ दिया है। पुल की ऊंचाई आठ फीट है। ऐसे में दोपहिया, चार पहिया वाहनों, साइकल सवार गिरकर घायल होते रहते हैं। सोमवार को सुबह छह बजे निजी स्कूल आटो अनियंत्रित होकर खड्ड में जा गिरा।
इस घटना में एक दर्जन बच्चे मामूली रूप से घायल हो गए। हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। इसकी जानकारी होने पर अभिभावक पहुंच गए और घटनास्थल पर प्रदर्शन कर चक्काजाम किया। जाम करने वाले अभिभावकों, ग्रामीणों, छात्रों, सहित समाजसेवियों ने शासन के खिलाफ नारेबाजी की। जानकारी होने पर पहुंचे थाना प्रभारी विजय कुमार यादव ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। लोगों ने एसडीएम सदर के नाम पत्रक थानाध्यक्ष को सौंपा।
एक सप्ताह के अंदर पुल की सड़क दुरुस्त नहीं कराने पर आंदोलन करने की धमकी दी। इस मौके पर महाहर धाम सर्वदलीय संर्घष समिति के संयोजक शशिधर सिंह, मौजनाथ गिरी, बहादुर यादव, रामबचन सिंह, मुन्ना यादव, आशुतोष चौबे, शिवमुनी पासवान, प्रवीण पटवा, चतुर्भुज चौबे, हरेन्द्रनाथ सिंह, रामा पासी, अप्पू सिंह, पंचदेव सिंह, भूपेंद्र सिंह, हीरा, अनीस, कमला, बुदू, प्रदीप, सुरेश, अनिल, रामभरोसे, जयराम, कुबेर, विमला देवी, शकुन्तला देवी, गुड़िया, अनिता, सविता, अवतारी, जितेंद्र खरवार आदि मौजूद रहे।