गाजीपुर। जनपद में तीन रेलखंड हैं। इनमें वाराणसी-छपरा, औड़िहार-मऊ व दिल्ली-हावड़ा रेलखंड। तीनों रेलखंड पर 11 ऐसी रेलवे क्रॉसिंग हैं, जहां पर 24 घंटे में औसतन 31 बार रेलवे फाटक बंद होता है। इससे आवागमन पर हर बार पांच मिनट तक ब्रेक लग जाता है। कई बार तो जाम की समस्या 30 मिनट तक गहरा जाती है। कई बार तो जाम में एंबुलेंस से लेकर दमकल वाहन के पहिये तक थम जाते हैं। इन 11 रेलवे क्रॉसिंग पर अभी तक अंडरपास या फुट ओवरब्रिज नहीं बन पाए हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। ट्रेनों के आवागमन पर जब-जब रेलवे फाटक गिरता है, तब-तब रेलवे क्रॉसिंगों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इन रेलवे क्रॉसिंग से स्कूल जाने के लिए छात्र, प्रतिष्ठान जाने के लिए व्यापारी, कचहरी जाने के लिए अधिवक्ता व फरियादी, अस्पताल जाने के लिए मरीजों का आवागमन होता है। लेकिन इनके आवागमन पर ब्रेक लगाने का काम रेलवे फाटक करते हैं। राहगीरों के पांव से लेकर विभिन्न वाहनों के पहिये रुक जाते हैं। रेलवे फाटक बंद होने से लोगों के समय की बर्बादी होती है। जब तक ट्रेनें रेलवे क्रॉसिंगों से नहीं गुजरती हैं, तब तक रेलवे फाटक नहीं खुलता है। इतने समय तक लोगों को इंतजार करना पड़ता है।
फुल्लनपुर में हर सात मिनट पर गिरता है फाटक केस एक
रेलवे क्रॉसिंग पर फंसने की व्यथा क्या होती, इस बारे में पूछना हो, तो आपको शहर से सटे फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग पर आना चाहिए। यह सिटी रेलवे स्टेशन से बिल्कुल सटा हुआ रेलवे क्रॉसिंग है। इसलिए इस पर ट्रेनों के आवागमन का दबाव अधिक होता है। इसलिए यहां पर तो हर सात मिनट पर रेलवे फाटक बंद होता है। इसके कारण जब-जब रेलवे फाटक बंद होता है, तो 20 से 30 मिनट तक लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। रेलवे क्रॉसिंग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। यह रेलवे क्रॉसिंग शहर व बाईपास दोनों को जोड़ने का काम करती है। इसलिए यह काफी महत्वपूर्ण है।
सैदपुर में एक किलोमीटर तक लगता है जाम केस दो
सैदपुर बाजार के रेलवे क्रॉसिंग पर जब-जब ट्रेनों का आवागमन होता है, तो स्थिति विकट हो जाती है। बाजार के मध्य में रेलवे क्रॉसिंग स्थित होने के कारण हर बार एक किलोमीटर तक लंबा जाम लग जाता है। प्रत्येक 30 मिनट पर यहां रेलवे फाटक बंद होता है। सैदपुर बाजार से होकर ही वाराणसी के लिए रोडवेज व निजी बसों का आवागमन होता है। इसके कारण यात्रियों के समय की बर्बादी होती है। साथ ही पूरा सैदपुर बाजार जाम के चक्रव्यूह में जकड़ा रहता है। कुछ ऐसे खामियाजा भुगत रहे लोग रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास या फुट ओवरब्रिज का निर्माण न होने के कारण जाम में फंसने के कारण लोगों का समय व ईंधन की बर्बादी होती है। साथ लंबे ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। आपातकालीन सेवाएं समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच पाती है। प्रतिकूल मौसम के बीच जाम में फंसने के कारण लोगों को मानसिक तनाव होता है। कई बार दो-पहिया वाहन चालक रेलवे फाटक के नीचे से निकलने की कोशिश करते हैं। ऐसे में हादसे की संभावना बनी रहती है। ऐसा कार्य राहगीर भी करते हैं। वह सोचते हैं कि जब तक वह खड़े रहेंगे, तब तक ट्रेन के आने से पहले ही वह रेलवे ट्रैक पार कर लेंगे। हालांकि यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
लोगों के लिए सिरदर्द बने हैं यह रेलवे क्रॉसिंग फुल्लनपुर
सहेड़ी सैदपुर
नंदगंज दिलदारनगर
भदौरा खालिसपुर
दुल्लहपुर टेढ़वा
रजदेपुर
जखनिया रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास या फुट ओवरब्रिज का निर्माण होना चाहिए। इसकी मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक नतीजा सिफर निकला। - अशोक यादव, मदरा सैदपुर क्षेत्र का प्रमुख बाजार है। यह वाराणसी और गाजीपुर के मध्य स्थित है। इसके बावजूद आज तक इस रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास या फुट ओवरब्रिज का निर्माण नहीं किया गया। - श्रीकांत त्रिपाठी, सैदपुर
रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम में फंसने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बारिश के दिनों में बारिश तो गर्मी के दिनों में तीखी धूप झेलनी पड़ती है। - कमलेश सिंह, दिलदारनगर
रेलवे का नीतिगत निर्णय है कि चरणबद्ध तरीके से सभी रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास या फिर फुट ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए। इसको लेकर कार्य चल रहा है। जनपद में कई अंडरपास बन चुके हैं। कुछ अंडरपास व फुट ओवरब्रिज बनने वाले हैं। - अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल
बंद होने के बाद जखनिया में रेलवे क्रासिंग के दोनों तरफ खड़े वाहन। संवाद
बंद होने के बाद जखनिया में रेलवे क्रासिंग के दोनों तरफ खड़े वाहन। संवाद
बंद होने के बाद जखनिया में रेलवे क्रासिंग के दोनों तरफ खड़े वाहन। संवाद