जंगीपुर विधानसभा उपचुनाव की डुगडुगी बज गई है। 22 अप्रैल से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। 16 मई को मतदान तथा मतों की गणना 19 मई को कराई जाएगी। चुनाव की तिथि घोषित होते ही जहां प्रशासन तैयारियों में जुट गया है वहीं संभावित दावेदारों ने भी क्षेत्र का रुख कर लिया है। उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही आचारसंहिता लागू कर दी गई है।
विधानसभा का चुनाव वर्ष 2012 में कराया गया था। इस दौरान जिले की सात विधानसभा सीटों के लिए मतदान कराया गया था। नव सृजित जंगीपुर विधानसभा के लिए पहली बार कराए गए चुनाव में सपा प्रत्याशी कैलाश यादव ने 72,208 मत पाकर बसपा प्रत्याशी मनीषचन्द्र पांडेय को शिकस्त दी थी। मनीष को 62,744 मत प्राप्त हुए थे। अस्तित्व में आई इस सीट पर कामयाबी का परचम लहराने वाले कैलाश यादव को सपा की सरकार में पहले खादी-ग्रामोद्योग एवं बाद में पंचायतीराज मंत्री बनाया गया।
बीते 9 फरवरी को उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद रिक्त हुई जंगीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तिथि को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। पिछले कई दिनों से चल रहा अटकलों का दौर मंगलवार को समाप्त हो गया।
भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से विधानसभा उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया। आयोग की तरफ से घोषित कार्यक्रम के अनुसार नामांकन की प्रक्रिया 22 अप्रैल से शुरू होगी। 29 अप्रैल तक नामांकन होने के बाद नामांकन पत्रों की जांच 30 को तथा नाम वापसी की तिथि 2 मई निर्धारित है। 16 मई को मतदान एवं 19 मई को मतगणना कराई जाएगी। इस संबंध में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित होते ही विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।