माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सभी डीआईओएस को भेजी गाइड लाइन
अलग-अलग आधार पर स्कूलों को मिलने वाले अंक से बनेगी मेरिट
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। वर्ष 2024 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के लिए मेरिट के आधार पर परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। विद्यालय की ओर से अपलोड की गई आधारभूत सुविधाओं के आधार पर विद्यालयों को अंक प्रदान करते हुए मेरिट सूची तैयार की जाएगी। यह मेरिट सूची राजकीय, ऐडेड और नान ऐडेड विद्यालयों की अलग-अलग होगी। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा परिषद की गाइड लाइन सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को प्राप्त हो चुकी है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के उप सचिव रामअवतार यादव ने बताया कि इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालय को 20 अंक और हाईस्कूल स्तर के विद्यालय को 10 अंक प्रदान किया जाएगा। राजकीय माध्यमिक विद्यालय होने पर उसे 50 अंक दिए जाएंगे जबकि ऐडेड विद्यालयों को 30 अंक एवं नान एडेड विद्यालयों को 10 अंक प्रदान किए जाएंगे।
परीक्षा संचालन के लिए विद्यालय में उपलब्ध प्रत्येक पक्के लिंटर्ड शिक्षण कक्ष के लिए पांच-पांच अंक दिए जाएंगे। लिंटर्ड शिक्षण कक्ष में प्रयोगशाला, स्टाफ कक्ष, लाइब्रेरी, प्रधानाचार्य कक्ष, वैकल्पिक कक्ष शामिल नहीं होंगे। इसके अलावा जर्जर शिक्षण कक्षों को भी शामिल नहीं किया जाएगा।
एक ही परिसर में अगर एक प्रबंधक की दो या अधिक संस्थाएं संचालित हो रही हैं तो उनके शिक्षण कक्ष को इस विद्यालय के शिक्षण कक्ष में सम्मिलित नहीं किया जाएगा। अगर विद्यालय में शिक्षा का कार्य सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होता है तो उस विद्यालय को 10 अंक प्रदान किए जाएंगे। अगर यह सुविधा नहीं है तो उसे एक भी अंक नहीं दिया जाएगा।
बताया कि अगर विद्यालय वर्ष 2023 की परीक्षा में परीक्षा केंद्र बनाया गया है तो उसे 20 अंक प्रदान किए जाएंगे। गत वर्ष 2023 की हाईस्कूल की परीक्षा का उत्तीर्ण प्रतिशत 90 अथवा 90 से अधिक होने पर उस विद्यालय को 10 अंक दिए जाएंगे। विद्यालय में स्मार्ट क्लास संचालित होने पर 10 अंक आवंटित होंगे।
वर्ष 2023 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में जिलास्तरीय टॉप-10 छात्र-छात्राओं की सूची में स्थान लाने पर विद्यालय को 10 अंक मिलेंगे। जबकि हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में राज्य स्तरीय टॉप-10 छात्र-छात्राओं की सूची में स्थान लाने पर उस विद्यालय को 20 अंक प्रदान किए जाएंगे। जिन विद्यालय के मेरिट अंक समान होंगे उनमें से जिस विद्यालय में हाईस्कूल के कुल पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होगी, उन्हें मेरिट सूची में वरीयता दी जाएगी।