दवाओं की ऑनलाइन बिक्री को मंजूरी देने की तैयारी के विरोध में बुधवार को शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के दवा व्यवसायी हड़ताल पर रहे। दूकानें बंद कर व्यापारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। इस दौरान खासकर गंभीर
बीमारियों से पीड़ित रोगियों के तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेश कुमार पांडेय ने बंदी को सफल बताया। कहा कि शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दवा की सभी दूकानें पूरी
तरह से बंद रहीं। इस बंदी से पचास लाख से ऊपर का कारोबार प्रभावित हुआ है। अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो संगठन अगला निर्णय लेने को बाध्य होगा।
ऑन लाइन फार्मेसी के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर पूरे जिले भर में रहा। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र की सैकड़ों दवा की दूकानें बंद थी। हालांकि इस दौरान जिला अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से सामान्य बीमारियों की दवा का वितरण तो किया जाता रहा॥। नंदगंज बाजार की दवा दूकानें दिनभर बंद रहीं। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से मरीजों को दवा का वितरण किया गया। बहरियाबाद, सादात, रायपुर में दवा की दूकानें बंद रहीं। मरीज परेशान होकर दवा के लिए इधर-उधर भटकते रहे। भदौरा, गहमर सहित अन्य बाजारों की दवा की दूकानें बंद रही। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सामान्य बीमारियों की दवा का वितरण किया गया। जमानिया कसबा, जमानिया स्टेशन सहित आसपास की दूकानें बंद रही। स्वास्थ केंद्र में सामान्य बीमारियों की दवा का वितरण किया गया। मुहम्मदाबाद बाजार सहित आसपास की सभी दूकानें बंद रही। सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पर दवा का वितरण किया गया। गंभीर बीमारियों के मरीज दवा के लिए परेशान रहे। सैदपुर नगर सहित आसपास के क्षेत्रों की दवा की दूकानें पूर्ण रूप से बंद रहीं। दवा के लिए मरीज और उनके तीमारदार परेशान रहे। कासिमाबाद क्षेत्र की एक भी दवा की दूकान नहीं खुली। दिलदारनगर नगर सहित आसपास की बाजारों की दवा की दूकानें बंद होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जखनिया क्षेत्र में प्राय: सभी दवा की दूकानें बंद रही। कुछ इसी तरह की स्थिति अन्य ग्रामीण क्षेत्रों की रही।
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ड्रगिस्ट और केमिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल का जिला अस्पताल सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। अस्पताल और स्वास्थ केंद्रों पर सामान्य सहित गंभीर बीमारियों की दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई थी, जिसका वितरण मरीजों में किया गया। - डा. एमपी सिंह, सीएमओ
दवा की दूकानों के बंद रहने का असर जिला अस्पताल के मेडिकल स्टोर पर साफ दिखाई दिया। यहां पर कल तक जहां नाममात्र की संख्या में मरीज दवा लेते दिखाई देते थे, वहीं बुधवार को बंदी के चलते काउंटर पर मरीजों और उनके तीमारदारों की लाइन लगी रही। काफी देर लाइन में खड़ा रहने के बाद मरीजों को दवा मिल सकी।
क्षेत्र में बंदी का छिटपुट असर दिखाई दिया। बाजार की तो सभी दूकानें बंद रही, लेकिन नायकडीह, बहलोलपुर, जलालाबाद सहित अन्य कई क्षेत्रों में बंदी का कोई असर दिखाई नहीं दिखा। रोज की तरह आज भी दवा की दूकानें खुली रही।
गाजीपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को जिलाधिकारी से मिला। इस दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित मांगों से संबंधित पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा।
पत्रक में आनलाइन फार्मेसी न लागू करने की मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आग्रह किया गया था ताकि दवा व्यवसाय से जुड़े परिवार सुरक्षित रहें और समाज की सेवा कर सके। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने
सभी केमिस्टों को बंदी में पूर्ण सहयोग देने के लिए आभार व्यक्त करते हुए आम जन से इस बंदी से होने वाली परेशानियों के लिए खेद व्यक्त करते हुए सरकार से इस बात की अपेक्षा किया कि उन्हें इस तरह की बंदी की पुनरावृत्ति न करनी पड़े। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष बृजेश कुमार पांडेय, महामंत्री भानू प्रताप सिंह, दीपक उपाध्याय, सुनील श्रीवास्तव, विपिन मिश्रा, मनीष सिंह, राशिद खां, अब्बास, गोपाल श्रीवास्तव, जगदीश कुशवाहा, वीरनजीत वर्मा, संतोष गुप्ता, आनंद, ओमप्रकाश, अतीक अहमद आदि केमिस्ट शामिल थे।
मुहम्मदाबाद केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले दवा विक्रेताओं ने दूकानें बंद रखीं। इसके बाद सभा की। दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष मो. तनहाई खान ने कहा कि दवा की दूकानों का लाइसेंस नवीनीकरण करने में फार्मासिस्ट की
बाध्यता लागू करने के विरोध में भारत बंद का आयोजन किया गया। सभा के बाद दवा विक्रेताओं ने तहसील परिसर में उपजिलाधिकारी त्रिभुवन विश्वकर्मा को पत्रक दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुहम्मदाबाद में इलाज के लिए आए मरीजों को अस्पताल की तरफ से दवा वितरित की गई। इस मौके पर लियाकत अली, खुर्शीद अहमद, अनिल पाण्डेय आदि मौजूद थे।