गाजीपुर। जिले में आजादी के दीवाने तथा अमर शहीद चंद्रशेखर जी की पुण्यतिथि धूमधाम से मनाई गई। मौके पर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इतनी कठिनाई के बाद प्राप्त इस आजादी के देश को राजनीतिक बर्बाद कर रहे है। जाति-पाति और दंगे में देश को जला कर इन शहीदों के सपनों को चूर-चूर किया जा रहा है।
रसूलाबाद में बच्चू यादव के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में कवि राम निवास यादव ने कहा कि देश को आजाद कराने में इन क्रांतिकारियों का सराहनीय योगदान रहा है। चंद्रशेखर आजाद के योगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता है। कहा कि गाजीपुर की धरती पर आजाद काफी समय तक रहे। यहां पोस्ताघाट स्थित एक मठ में रह कर उन्होंने आजादी की लड़ाई का संचालन किया। अन्य वक्ताओं ने कहा कि हमें इन शहीदों को हमेशा याद करते हुए इनके सपनों को साकार करना चाहिए। इस मौके पर चंचल, अतुल, विशाल ओमकार, रामदेव, इंद्रदेव राजेश, रमन पांडेय समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। अध्यक्षता अशोक यादव ने तथा संचालन सुभाष पहलवान ने किया। इसी प्रकार तुलसी सागर में आयोजित एक कार्यक्रम में कवि दिनेशचंद्र शर्मा ने पहले चंद्रशेखर जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें शहीदों की सपनों का देश बनाने में भूमिका निभानी चाहिए। श्री शर्मा ने कहा कि आज देश को राजनीतिक पूरी तरह से बर्बाद कर रहे है। लोगों को जाति-पाति, धर्म, संप्रदाय से दूर रहकर बस देश सेवा की भावना रखना चाहिए तभी इन महान क्रांतिकारियों के देश का सपना पूरा होगा। इस मौके पर अनिल सिंह, प्रदीप पांडेय, नारायण तिवारी, श्रीराम राय आदि मौजूद रहे।
खानपुर संवाददाता के अनुसार, चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर खानपुर क्षेत्र के अमेहता गांव में मनाई गई। इस मौक़े पर एडवोकेट मंगला प्रसाद मिश्रा ने आजाद जी के जीवन पर प्रकाश डाला। कृपाशंकर मिश्रा ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद ने अपने जीवन के अंतिम समय तक अंग्रेजों से लोहा लेते रहे। उन्हें अंग्रेज कभी नहीं पकड़ पाए। चंद्रशेखर आजाद 27 फ़रवरी 1931 में इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क (वर्तमान में आजाद पार्क) में अंग्रेजों से मुठभेड़ के दौरान अपनी रिवाल्वर से गोली मारकर शहीद हो गए थे। आजाद जी हमेशा कहा करते थे कि भारत माता की दुर्दशा देखकर जिसको क्रोध न आये उनके शरीर में खून नहीं पानी हैं। इस मौके पर सोनू मिश्रा, अजय मिश्रा, उत्तम मिश्रा, आनंद मिश्रा, ओम आनंद, रवि, चंदन आदि मौजूद रहे।