गाजीपुर। मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। यह पंक्तियां सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में अपनी मेधा का परचम लहराने वालों पर बिल्कुल सटीक बैठती है।
10वीं एवं 12वीं की कक्षा में उत्कृष्ट अंक पाने वाले इन मेधावियों में ज्यादातर इंजीनियरिंग एवं चिकित्सा के क्षेत्र में अपना भविष्य संवारना चाहते हैं। 12वीं में जिले की श्रेष्ठता सूची में बाजी मारने वाली अनुष्का सिंह की हसरत भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने की है।
कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल की अनुष्का सिंह अपने सपने को साकार करने के लिए अभी से ही पूरे मनोयोग से जुटी हुई है। बारहवीं कक्षा में रोजाना 6-8 घंटे की पढ़ाई कर उसने यह मुकाम हासिल किया है। बेहतर अंक पाने के लिए उसने यू-ट्यूब पर ऑनलाइन क्लासेज का सहारा लिया। इसी कक्षा के शाह फैज पब्लिक स्कूल के प्रियांशु तिवारी ने यह कामयाबी 8 से 10 घंटे की पढ़ाई में हासिल की। वह इंजीनियर बनना चाहता है।
सानिया जेहरा ने 8 से 10 घंटे की पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया का भी सहारा लिया। वह भी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहती है।
सुहानी सहाय एवं मानसी पटेल चिकित्सक बनने के लिए परिश्रम कर रही हैं। एमजेआरपी की तान्या यादव एवं प्रत्यूष श्रीवास्तव इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भविष्य बनाने के लिए लगन के साथ जुटे हैं। सन फ्लावर पब्लिक स्कूल के दिव्यांशु सोशल मीडिया से दूर रहकर 7 से 8 घंटे पढ़ाई करते रहे। उसका सपना डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना है। शाह फैज पब्लिक स्कूल की हाईस्कूल की छात्रा आस्था गुप्ता का सपना डॉक्टर बनने का है। इसके लिए वह मेहनत कर रही है।
उसके पिता अनुपम गुप्ता शिक्षा विभाग में जिला समन्वयक के पद पर कार्यरत हैं। एवरग्रीन पब्लिक स्कूल के अथर्व नारायण गुप्ता का कहना है कि लगन के साथ अगर नियमित अध्ययन किया जाए तो सफलता मिलना तय है।
वह इंजीनियर बनना चाहता है और उसने बोर्ड परीक्षा में करीब 8 घंटे की पढ़ाई कर यह उपलब्धि हासिल की है।