सुहवल थाना क्षेत्र के ढढनी भानमल राय गांव निवासी अनिल रावत (38) की बिहार के गोपालगंज जिले की फुलवरिया थाने की पुलिस की हिरासत में मौत हो गई थी। बुधवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया। शव घर आते ही परिजन गमगीन हो गए।
पत्नी नयनतारा व अन्य परिजन रो-रोकर बेहाल हो गए। अनिल का अंतिम संस्कार जमानियां गंगा तट पर किया गया। छोटे भाई सुनील रावत ने मुखाग्नि दी। छोटे भाई का आरोप है कि अनिल रावत की हत्या हुई है।
उन्होंने कहा कि न तो शव को परिजनों को दिखाया गया और न ही पंचनामा कराया गया, सीधे पोस्टमार्टम के बाद सीलबंद शव सौंप दिया गई। कहा कि बिहार पुलिस कह रही है बीते मंगलवार को फुलवरिया थाना क्षेत्र के मदरवानी गांव में शराब तस्करी के एक मामले में पुलिस दबिश दे रही थी।
इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। इसमें अनिल रावत समेत कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस के मुताबिक अनिल की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
हालांकि हालांकि के परिजन और ग्रामीण पुलिस के बयान को झूठा बता रहे हैं। उनका कहना है कि अनिल एकदम स्वस्थ और हृष्ट-पुष्ट व्यक्ति था और उसकी मौत पुलिस की बर्बरता से हुई है। उन्होंने शासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
प्रभारी निरीक्षक राजू दिवाकर ने बताया कि अनिल का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और गांव में कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।