रेवतीपुर ब्लॉक एक बार फिर सुर्खियों में है। स्वयं सहायता समूहों को बिना रजिस्ट्रेशन के लाखों रुपये आवंटित करने का मामला सामने आया है। करीब 1 लाख 82 हजार 200 रुपये की सरकारी राशि ऐसे पांच समूहों को आवंटित की गई, जिनमें से कई समूह उस समय रजिस्टर्ड ही नहीं थे। इस फर्जी भुगतान की जानकारी मिलते ही ब्लॉक मुख्यालय से लेकर ग्राम पंचायत तक चर्चा होने लगी। अधिकारियों पर अब कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है।
मामले के उजागर होते ही प्रशासनिक अमला लीपापोती में जुट गया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मामला पिछले वर्ष का है, जब बिना पंजीकरण के ही पांच स्वयं सहायता समूहों को सरकारी योजनाओं के तहत धनराशि का भुगतान कर दिया गया। अब तक इनमें से चार समूहों को आनन-फानन में रजिस्टर कर लिया गया है, लेकिन हसनपुरा स्थित मां वैष्णो देवी स्वयं सहायता समूह अब भी अपंजीकृत है। खंड विकास अधिकारी जमालुद्दीन खां ने कहा कि बिना पंजीकरण वाले समूहों को भुगतान किया जाना नियम विरुद्ध है। इस मामले की पूरी जांच की जाएगी, जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय है।
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इन समूहों को हुआ है भुगतान
बसुका - साईं स्वयं सहायता समूह: 1,17,000
हसनपुरा - मां वैष्णो देवी स्वयं सहायता समूह : 9,000
बवाड़ा मुस्तकहम - नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह : 20,200
मेदनीपुर मुस्तकहम - सती माता स्वयं सहायता समूह : 18,000
अठहठा - महाकाल स्वयं सहायता समूह : 18,000