गाजीपुर। फिल्म और थिएटर जगत के अभिनेता अंजन श्रीवास्तव ने कहा कि कलाकार उम्र से बूढ़ा हो सकता है, लेकिन उसका मन कभी बूढ़ा नहीं होता। गाजीपुर के प्रति अपने स्नेह का इज़हार करते हुए कहा कि इस जिले से मेरा गहरा लगाव है। जब भी यहां के लोग बुलाएंगे, मैं जरूर आऊंगा। ये बातें उन्होंने शहर कोतवाली क्षेत्र के ददरीघाट स्थित श्री चित्रगुप्त मंदिर में सोमवार को आयोजित सम्मान समारोह में कही।
यह कार्यक्रम श्री चित्रगुप्त वंशीय सभा के तत्वावधान में संपन्न हुआ। इसमें अभिनेता ने अपनी पत्नी संग भगवान श्री चित्रगुप्त का दर्शन-पूजन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। संस्था के अध्यक्ष आनंद शंकर श्रीवास्तव एवं मंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में गणमान्य नागरिकों ने अभिनेता का अंगवस्त्रम और स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने श्री चित्रगुप्त वंशीय सभा के पदाधिकारियों और उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। सम्मान समारोह में प्रमोद अनंग, अमरनाथ तिवारी, अशोक श्रीवास्तव, नितिन आनंद, ओमप्रकाश तिवारी, कमलेश सिंह, कमलेश श्रीवास्तव, सभासद संजीव श्रीवास्तव आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
गाजीपुर से मेरा गहरा लगाव है-अभिनेता अंजन श्रीवास्तव ने पत्रकारों से भी बातचीत में भोजपुरी भाषा में करते हुए बताया कि वे मूल रूप से गाजीपुर जिले के गहमर गांव के निवासी हैं। कहा, बचपन गहमर में बीता, फिर हम लोग कोलकाता चले गए। वहीं, शिक्षा हुई और वहीं से थिएटर और अभिनय की शुरुआत की। बताया कि उनके पिता और दादा दोनों बैंक कर्मचारी थे। वे स्वयं भी इलाहाबाद बैंक में 31 वर्ष तक कार्यरत रहे। उन्होंने कहा, सन 1978 में ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म ‘गोलमाल’ से मैंने अपने फिल्मी कॅरिअर की शुरुआत की थी, लेकिन थिएटर से मेरा जुड़ाव आज भी वैसा ही है। दो वेब सीरीज़ और कई फिल्में जल्द रिलीज होने वाली हैं। अपनी पत्नी की ओर इशारा करते हुए अभिनेता अंजन श्रीवास्तव ने मुस्कराकर कहा कि आज मैं जहां हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान मेरी पत्नी का है। उन्होंने कहा कि कलाकार का मन कभी बूढ़ा नहीं होता।
छात्रों के साथ साझा किए अनुभव-रेवतीपुर। अभिनेता अंजन श्रीवास्तव ने सोमवार को क्षेत्र के एक विद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बीएसडी थिएटर ग्रुप के छात्रों से मुलाकात की और उन्हें अभिनय की बारीकियों से अवगत कराया। जिले के गहमर गांव निवासी अंजन श्रीवास्तव ने धारावाहिक वागले की दुनिया से घर-घर में पहचान बनाई। उन्होंने गोलमाल, पुकार, खुदा गवाह, कभी हां कभी ना, भारत एक खोज, घातक, रंग, चक दे इंडिया और सैम मानेकशॉ जैसी दर्जनों फिल्मों में अभिनय किया है। इस दौरान उन्होंने छात्रों के साथ अपने रंगमंचीय और फिल्मी कैरियर के अनुभव साझा किए। विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज कुमार राय ने अंजन श्रीवास्तव का स्वागत किया। इस अवसर पर अमरनाथ तिवारी, प्रभाकर त्रिपाठी, श्रवण कुमार जायसवाल, गोपालकृष्ण राय, ऋषिकांत राय, दिनेश राय, प्रमोद खरवार आदि उपस्थित थे। प्रबंधक विपिन बिहारी राय ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। संवाद