ग्रामीण विकास के तहत योजनाओं में की जा रही गड़बड़ी की शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। चकिया उर्फ चकमजीठ के स्थानीय निवासी ओमप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि अति निर्धन परिवारों के चयन में अनियमितता बरती गई है। साेमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने ब्लॉक पर पहुंचकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में 25 अति निर्धन परिवारों की सूची बनाने की प्रक्रिया में रोजगार सेवक और पंचायत सहायक ने अपने-अपने रिश्तेदारों के नाम शामिल कर लिए हैं, जबकि उनके पास पक्के मकान और पर्याप्त कृषि भूमि पहले से मौजूद है। वहीं, असल जरूरतमंद परिवारों को जानबूझकर बाहर रखा गया है।
ओमप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि रोजगार सेवक और पंचायत सहायक ने चयन के लिए लोगों से 30-30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की, जो लोग पैसा देने में असमर्थ हैं, उनके नाम सूची में शामिल नहीं किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला नियमों और प्रक्रिया का सीधा उल्लंघन है और इसमें गंभीर वित्तीय अनियमितता की दुर्गंध आ रही है।
उन्होंने उच्च अधिकारियों से इस चयन प्रक्रिया की तत्काल जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि उनके आवेदन पर जल्द कार्रवाई होगी और वास्तविक जरूरतमंदों को न्याय मिलेगा।
बीडीओ बृजेश अस्थाना ने बताया कि शिकायतकर्ताओं से लिखित शिकायत मांगी गई है।