गाजीपुर। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने विभागीय अधिकारियों के सब चकाचक होने के दावों को पानी-पानी कर दिया है। विभाग ने बारिश से पहले की जाने वाली तैयारियों की ओके रिपोर्ट देकर कोरम पूरा कर लिया। लेकिन हकीकत में जिले में 1238 ग्राम पंचायतें और 2737 राजस्व गांवों में से 2189 गांवों में वर्तमान में कहीं जलभराव और कीचड़ हो गया है। जलनिकासी के दावों के बीच लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है।
जनपद की 38.50 लाख आबादी गांवों में रहती है। पंचायती राज विभाग की ओर से गांवों में विकास का दावा किया जाता है। विभागीय दावा है कि गांवों में अच्छी सड़कों के साथ ही जलनिकासी के बेहतर इंतजाम के लिए नालियों का निर्माण कराया गया है। जलनिकासी की अच्छी व्यवस्था न होने के कारण गांवों के मार्गों व गलियों में जलभराव की स्थिति है। इसके साथ ही मार्गों पर कीचड़ होने के कारण फिसलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
ग्रामीणों को सता रहा संक्रामक बीमारियों का डर
जलभराव व गंदगी के कारण ग्रामीणों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर सता रहा है। उनकी मांग है कि अभियान चलाकर गांवों में चरमराई बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए। इसके साथ ही जलभराव गंदगी के कारण ग्रामीणों को घरों में विषैले जंतुओं के निकलने का भी भय बना रहता है।
जाना हो स्कूल या अस्पताल, फिसलन का करना पड़ेगा सामना
जलभराव व कीचड़ के कारण गांवों के सड़कों पर फिसलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके कारण बच्चे सुबह-सुबह खंड़जे व मुख्य मार्गों पर गिरते व संभलते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल मरीजों का भी है। उनको अस्पताल तक पहुंचने के लिए जलभराव व फिसलने का सामना करना पड़ रहा है।
मच्छरों का बढ़ा आतंक, फॉगिंग नदारद
जलभराव व गंदगी के कारण संबंधित गांवों के लोगों मच्छरों के प्रकोप का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण ग्रामीणों की रातों की नींद खराब हो गई है। इसके बावजूद गांवों मेेंं जिम्मेदार फॉगिंग नहीं करा रहे हैं। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
4242 तालाबों पर अतिक्रमण भी वजह
जनपद के 1238 ग्राम पंचायतों मेें 7714 तालाब व पोखरे हैं। इसमें 4242 तालाबों व पोखरे पर अतिक्रमण हो गया है। गांवों में नालियों व मार्गों का पानी तालाब व पोखरों मेें जाता है। लेकिन, अतिक्रमण होने की स्थिति में जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। जिन तालाबों पर अतिक्रमण नहीं हुआ है, वहां साफ-सफाई व झाड़ियों की कटाई के नाम पर खेल किया गया।
जलभराव से पानी में तैर रहा कूड़ा
केस एक
युवराजपुर गांव में लगातार बारिश के बाद बदहाली का दृश्य उभरकर सामने आई। गांव के मुख्य मार्ग की सड़क पर 800 मीटर तक जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसी स्थिति से होकर ग्रामीण आवागमन कर रहे हैं। जलभराव के पानी में कूड़े तैर रहे हैं, जो गांव में सफाई व्यवस्था की कहानी बयां कर रहे हैं।
सड़क किनारे कूड़े का ढेर
केस दो
दुल्लहपुर से अमारी जाने वाले मार्ग के किनारे कूड़े का ढेर लगा है। बारिश के बीच कूड़ा बजबजा रहा है। इस मार्ग से प्रतिदिन 2900 लोग आवागमन करते हैं। लेकिन, कूड़े के ढेर से उठने वाली दुर्गंध के कारण लोगों को नाक पर रुमाल रखना पड़ता है।
3298 सफाई कर्मी, प्रति महीने 8.24 करोड़ खर्च
जनपद की 1238 ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पंचायती राज विभाग की ओर से 3298 सफाइकर्मियों की तैनाती की गई है। विभाग की ओर से इनके मानदेय पर प्रति महीने 8.24 करोड़ रुपये खर्च किया जाता है। इसके बावजूद गांवों में स्वच्छता दूर-दूर तक दिखाई नहीं देती है।
गांव में तीन दिनों से जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है। - आदित्य सिंह, युवराजपुर
मानसून में गांवों की स्थिति नारकीय हो गई है। जलभराव, कीचड़ और गंदगी के कारण दुश्वारियां बढ़ गई हैं। अव्यवस्था का असर दिनचर्या पर भी पड़ रहा है। - बृजेश कन्नौजिया, गोपालपुर
गांवों के साथ ही ग्रामीण बाजारों में बदहाली की स्थिति है। जगह-जगह नालियों का निर्माण न होने के कारण जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। आने जाने में दिक्कत हो रही है। - मुहम्मद बकरीदन
गांवों में कर्मचारी सफाई का कार्य करते हैं। बरसात के मौसम को देखते हुए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।- रमेशचंद उपाध्याय, प्रभारी डीपीआरओ
शाहबाजपुर बनवाधिया मौजा को जाने वाला बदहाल मार्ग। स्रोत- ग्रामीण
शाहबाजपुर बनवाधिया मौजा को जाने वाला बदहाल मार्ग। स्रोत- ग्रामीण
शाहबाजपुर बनवाधिया मौजा को जाने वाला बदहाल मार्ग। स्रोत- ग्रामीण
शाहबाजपुर बनवाधिया मौजा को जाने वाला बदहाल मार्ग। स्रोत- ग्रामीण