जमानिया। स्थानीय तहसील सभागार में सोमवार को राजस्व कर्मियों को क्राप कगिं करने का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें इसकी बारीकियों को विस्तार से बताया गया और इसके एप के बारे में पूर्ण जानकारी दी गई।
उपजिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने कहा कि क्राप कटिंग के जरिए कृषि उत्पादों के उत्पादन का आंकलन किया जाता है। साथ ही इससे प्राप्त होने वाले आंकड़ों के आधार पर ही दैवीय आपदा या अन्य कारणों से फसल नष्ट होने पर किसानों को कृषि बीमा का लाभ दिया जाता है। इस कार्य को राजस्व कर्मी ईमानदारी से करें। तहसीलदार आलोक कुमार ने कहा कि क्राप कटिंग ग्राम पंचायत स्तर पर की जानी है और इसके बाद ही फसल के नुकसान एवं उत्पादन का सटीक आंकलन सामने आ सकेगा। सहायक सांख्यिकी अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि राजस्व कर्मियों को खेत पर जाकर फसल कटवानी होगी और जियो टैगिंग के माध्यम से आनलाइन डाटा अपलोड करना होगा। क्राप कटिंग की फोटो भी भेजनी होगी। इसके लिए राजस्व कर्मियों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई। मोबाइल फोन में सीसीई एप उपलब्ध है। कहा कि सभी कर्मचारियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। इसमें सबसे अहम भूमिका क्राप कटिंग की होती है। उत्पादकता जानने के लिए राजस्व विभाग की टीम तय खेत पर अपनी निगरानी में फसल की कटाई की जाएगी। इसके बाद तौल की जाएगी और इसी आंकड़ों के आधार पर ही बीमा राशि का निर्धारण किया जाता है। इस प्रक्रिया में राजस्व कर्मियों की अहम भूमिका है। इस अवसर पर नायब तहसीलदार राकेश कनौजिया व िजय कुमार भरत सिंह त्रिभुवन सिंह, रामअवतार, रामविलास, अशोक कुमार, रामराज राम, बेचू राम, विनय कुमार सिंह, राहुल कुमार आदि राजस्व कर्मचारी उपस्थित थे।