गहमर थानाक्षेत्र के खुदरा पथरा गांव के समीप एनएच-124 सी पर शुक्रवार की रात हादसे में अपनी दो बेटियों और एक बेटे को खोने वाली संतरा देवी का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
वह सीएचसी में अपने हाथ की चोट से बेपरवाह बच्चों के लिए बिलख रही थी। जिंदा बचे इकलौते बेटे राजा को गोद में लेकर वह लोगों को बता रही थी ट्रेलर को आता देख बच्चों को जगाने की कोशिश की लेकिन काल बनकर आए ट्रेलर ने उन्हें उठने तक का मौका नहीं दिया।
इस आपाधापी में वह अपने छोटे बेटे राजा को ही गोद में लेकर भाग पाई। छोटा बेटा भी उसके हाथ से भी छिटक गया लेकिन बच गया। संतरा देवी ने बच्चों को खाना खिलाने के बाद सोने की व्यवस्था की। इसमें उसकी बेटियों ने मदद की।
गर्मी अधिक होने के कारण सभी झोपड़ी के बाहर बगल में तख्त पर सो रहे थे। रात करीब 11 बजे अचानक ट्रेलर तेज रफ्तार से आता दिखाई दिया। झपकी ले रही संतरा यह देख चौकन्नी हो गई और झटपट अपने छोटे बेटे राजा (3) को गोद में लेते हुए सपना, कबूतरी और ज्वाला को उठाने की कोशिश की।
इधर, बच्चों की नींद भी नहीं खुल पाई थी कि विपरीत दिशा से आए ट्रेलर ने तख्त को चपेट में लेते हुए पूरे छप्पर को रौंद दिया और आगे निकल गया। सभी को सीएचसी पहुंचाया गया।
वहां सपना की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बच्चों की सांस की डोर थमती देख संतरा बदहवास हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि संतरा देवी के हाथ फ्रैक्चर हुए हैं। उसके मासूम बेटे राजा के सीने में चोट लगी है।