गाजीपुर/सुहवल। गंगा के तटवर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। पिछले कई दिनों से उफनाने के बाद पतित पावनी के जलस्तर में कमी होने लगी है। बुधवार की सुबह सात बजे से गंगा एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घटने लगी है। जलस्तर घटने के बावजूद प्रशासन चौकस है। संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है।
बीते कुछ दिनों से गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही थी। बारह सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से पानी बढ़ने के कारण तटवर्ती क्षेत्र के लोगों की धुकधुकी बढ़ गई थी। इसके बाद रफ्तार में कुछ कमी आई। इसी क्रम में बुधवार को जलस्तर में कमी देखने को मिली। सुबह दस बजे जलस्तर 61.370 मीटर दर्ज किया गया। इसके बाद दोपहर दो बजे 61.330 तथा शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 61.310 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में आने वाले दिनों में इसी तरह कमी दर्ज होने की उम्मीद व्यक्त की गई है। बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस सहित तमाम राहत एवं बचाव दल अभी भी सतर्कता बरते हुए हैं। जिलाधिकारी खुद मामले पर चौबीसों घंटे निगाह बनाए रखने के साथ ही पल-पल की रिपोर्ट मातहतों से ले रहे हैं। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारियों को चौबीसों घंटे चक्रमण करने एवं बाढ़ प्रभावित गांवों पर नजर बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। गंगा किनारे सभी घाटों पर नौका एवं नाविकों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों को गंगा घाटों पर दिन-रात चौकसी करने का निर्देश दिया गया है। जिले में कुल 670 बाढ़ प्रभावित गांव हैं, जिनमें 357 उच्च स्तर, 113 मध्य स्तर तथा 200 गांव निम्न जलस्तर बाढ़ प्रभावित घोषित हैं। प्रशासन ने एक बाढ़ चौकी पर कुल आठ लोगों की तैनाती की है। इनमें एक लेखपाल, पंचायत सेक्रेटरी, एएनएम, आशा, सफाई कर्मी, पशु विभाग के कर्मी, रसोइया तथा ग्राम प्रधान भी शामिल हैं। इस संबंध में उपजिलाधिकारी जमानिया प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क दृष्टि बनाए हुए है। दर्जनों छोटी-बड़ी नावों को अधिग्रहित कर लिया गया है। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मी एकदम मुस्तैद हैं। वह खुद तटवर्ती गांवों का पल-पल जायजा ले रही हैं।