सुहवल के ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन के पीछे गंगा किनारे को रहा कटान।अ
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोग संक्रामक बीमार की चपेट में आ रहे हैं। पीड़ितों को बचाने में स्वास्थ्य विभाग की टीम फ्लाप साबित हो रही है। सोमवार को मगरखाई गांव की हरपति देवी(52) पत्नी सागर की डायरिया से मौत हो गई। इसके पहले 24 अगस्त अब तक भदौरा विकास खंड के बारा गांव में डायरिया से पीड़ित चार लोगों की जान जा चुकी है। जबकि पांच मरीजों को इलाज परिजन निजी चिकित्सालय में करा रहे हैं।
गंगा के साथ उफनाई कर्मनाशा ने लगभग 15 दिनों तक लोगों को काफी प्रभावित करते हुए जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया था। तीन दिनों से जलस्तर में हो रही गिरावट से पीड़ितों ने हल्की राहत जैसे ही महसूस की वैसे ही संक्रामक रोग की बाढ़ ने लोगों को अपने चपेट में लेना शुरू कर दिया। बाढ़ पीड़ितों को संक्रामक रोग से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 102 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई है। साथ ही पीड़ितों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ जीवन रक्षक दवाएं, क्लोरिन की गोली और बिल्चिंग पाउडर वितरित करने का दावा भी विभाग की ओर से किया गया था। इसकी जमीनी हकीकत कुछ अलग ही है।
बारा संवाददाता के अनुसार 24 अगस्त से लेकर अब तक इस गांव चार लोगों की डायरिया से मौतें हो चुकी है। पांच लोगों का इलाज विभिन्न निजी चिकित्सालयों चल रहा है। जिनकी हालत अब भी चिंता जनक बनी हुई है। इस बीमारी के फैलने की जानकारी लोगों को बीते शनिवार की रात तब हुई जब एक ही परिवार के चार सदस्य और एक अन्य परिवार की महिला उल्टी और दस्त से पीड़ित हो चुकी थी। डायरिया से ग्रसित लोगों को ग्रामीणों ने निजी चिकित्सालयों में आनन-फानन में इलाज के लिए भर्ती कराया। अब तक स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी ही नहीं है। जबकि जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में अलर्ट रहने का निर्देश दिया था। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी धर्मात्मा त्रिपाठी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी को गांव में टीम भेजकर कैंप करने के साथ स्वास्थ्य परीक्षण करने का निर्देश दिया है। साथ ही रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया गया है। उधर, डायरिया के फैलने की भनक मिलते ही स्वस्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया । सोमवार को आनन -फानन में डॉ. आनंद आलोक के नेतृत्व में दो सदस्य चिकित्सकों की एक टीम डायरिया पीड़ितों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। साथ बाढ़ पीड़ितों में डायरिया से बचाव के लिए आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। टीम में शामिल डाक्टरों ने ग्रामीणों को खान पान में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। टीम में डॉ. रवि रंजन, संदीप राय, पुर्नवासी राम, ललिता देवी, तुलसी आदि मौजूद रहीं।