ताड़ीघाट-दिलदारनगर ब्रांच लाइन पर 67 दिनों बाद फिर से शुक्रवार को मेमू ट्रेन का संचालन शुरू हो गया। 19 किमी लंबे रूट पर ट्रेन के चलने से यात्रियों में खुशी रही। दो महीने बाद लोग टिकट काउंटर से लेकर स्टेशन परिसर तक ट्रेन का इंतजार करते मिले। ऐसे में दो महीने बाद स्टेशन परिसर मेें चहल-पहल देखने को मिली।
सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर दिलदारनगर से चलकर 9 बजकर 5 मिनट पर मेमू ट्रेन ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन पहुंची। चालीस मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन 9 बजकर 45 मिनट पर दिलदानगर के लिए रवाना हुई। आठ बोगियों 680 सीटर एवं गैंग-वे युक्त इस इलेक्ट्रिक ट्रेन से पहले दिन 450 यात्री अपने विभिन्न गंतव्यों की ओर प्रस्थान किए। ट्रेन के तीन फेरा अप और डाउन करने से यात्रियों को पहले की तरह दिनभर सहूलियत भरी यात्रा होती रही। दीपक, अनंजय, विकास और सोमेश का कहना है कि पिछले सवा दो महीने जब से मेमू बंद थी। दिलदारनगर से ताड़ीघाट, गाजीपुर की यात्रा करना बेहद कठिन था। निजी वाहनों का मनमाना किराया और ठूंस- ठूंसकर यात्रा कराने से सफर करना दूभर हो गया था। आज मेमू के चलने से राहत मिली है।
लोगों का कहना है कि विभाग के द्वारा प्रचार प्रसार न किए जाने के कारण यात्रियों को ट्रेन चलने की जानकारी नहीं हो सकी। जिसके कारण ट्रेन की बोगियों की अधिकतर सीटें खाली रही। मालूम हो कि ताड़ीघाट-मऊ रेल परियोजना के तहत सोनवल के पास ढाई हजार मीटर डिस्मेंटलिंग का कार्य किया गया है। बीते 23 अप्रैल से 21 जून तक मेगा ब्लाक का ऐलान किया गया था। काम पूरा नहीं होने से 30 जून तक मेगा ब्लाक रहा। एक जुलाई को फिर से मेमू का संचालन हो गया है। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक सुजित कुमार ने बताया कि मेमू ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया गया है। जो नियमित तौर पर दिन में तीन बार चलेगी।
परियोजना के लिए खनन संबंधी आनलाइन प्रक्रिया पूरी
पहले चरण की 14 किमी ताड़ीघाट-मऊ रेल विस्तारीकरण परियोजना को दिसंबर 2022 में पूरा होना है। परियोजना के अधिकारियों की मानें तो परियोजना के आधारभूत काम को पूरा करने के लिए कम से कम 40 हजार एम क्यू मिट्टी का जरूरत है। 22 दिन पहले खनन पर रोक लग गई। जिसके बाद खनन संबंधी जरूरी आनलाइन प्रक्रिया को पूरी कर ली गई है। जिला प्रशासन से अनुमति मिलने का इंतजार है।
मिट्टी खनन के लिए निर्देश मिलने का इंतजार
आरवीएनएल के मुख्य परियोजना प्रबंधक ( सीपीएम) विकास चंद्रा ने बताया कि मिट्टी खनन पर रोक लगाए जाने के बाद बीते 27 जून को लखनऊ में प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ रेलवे बोर्ड के अधिकारियों से परियोजना के बाबत बैठक हुई। जिसमें मिट्टी खनन पर जिला प्रशासन के द्वारा लगाई गई रोक भी उठा। मुख्य सचिव ने गाजीपुर जिला प्रशासन को मिट्टी खनन के लिए जल्द अनुमति देने का निर्देश दिया था। लेकिन अभी तक जनपद के स्तर पर कोई निर्देश नहीं मिला है।
अमृत सरोवर से निकलने वाली मिट्टी भी आएगी परियोजना के काम
रेल अधिकारियों और मुख्य सचिव की बैठक में अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों की खुदाई से निकलने वाली मिट्टी को परियोजना के काम में लाने को लेकर सहमति बनी थी। जिला प्रशासन को इन तालाबों से निकलने वाली मिट्टी को भी परियोजना के लिए उपलब्ध कराना है।
आरवीएनएल व कार्यदायी संस्था परियोजना को समय से पूरा करने में जुटे है।मिट्टी को लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ रेलवे के अधिकारियों की बैठक हुई है। जल्द ही इसका निराकरण हो जाएगा।
विकास चंद्रा, सीपीएम आरवीएनएल