सेंट्रल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर में धरना दिया। उनका आरोप है कि मरदह थानाक्षेत्र के घरिहा गांव के अधिवक्ता संजय पाल सिंह को जान से मारने की धमकी दी गई। साथ ही उनकी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। पुलिस आरोपियों से मिली हुई है। तहरीर देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। इसे लेकर उन्होंने दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक धरना दिया।
सेंट्रल बार एसोसिएशन की ओर से डीएम आर्यका अखौरी, एसपी डॉ. ईरज राजा, उपजिलाधिकारी संजय यादव, प्रभारी तहसीलदार कौशल चौरसिया को पत्र लिखा। पत्र के जरिये कहा कि बार के अधिवक्ता संजय पाल सिंह बृहस्पतिवार को अपने घर पर मौजूद थे। दोपहर लगभग तीन बजे पांच-छह लोग एक साथ घर पर आए और गालीगलौज करने लगे। आरोपियों ने हथियार लहराते हुए धमकी दी कि टीन शेड छोड़ दो नहीं तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। कहा कि तहरीर देने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सेंट्रल बार के अधिवक्ता कासिमाबाद सीओ के कार्यालय गए लेकिन वहां उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। कार्यालय में उपस्थित हेड कांस्टेबल को पत्रक देकर मामले से अवगत कराया गया। पांच घंटे तक चले धरने पर बैठे अधिवक्ताओं ने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो अगले दिन भी धरना होगा। इस मौके पर सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव, निवर्तमान अध्यक्ष सुभाष चंद्र तिवारी, संतोष कुमार, जयप्रकाश सिंह यादव, मिथिलेश तिवारी, नवीन चंद वर्मा आदि मौजूद रहे।