कासिमाबाद तहसील के लिए आवंटित ग्राम विकास विभाग की भूमि वापस लेने के खिलाफ उप जिलाधिकारी संजय क
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तहसील के लिए ग्राम विकास विभाग को आवंटित भूमि वापस लिए जाने की सूचना से अधिवक्ताओं में आक्रोश है। सोमवार को तहसील बार एसोसिएशन और सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने बैठक कर जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। इसके बाद उपजिलाधिकारी संजय कुमार कुशवाहा को पत्रक सौंपकर समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
अधिवक्ताओं के अनुसार, कासिमाबाद तहसील के लिए ग्राम विकास विभाग की भूमि आवंटित है। इसी भूमि पर कर्मचारियों के आवास भी बने हुए हैं। अब विभाग की ओर से भूमि वापस लिए जाने संबंधी पत्र मिलने से अधिवक्ताओं में नाराजगी है।
उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन ग्राम विकास विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेकर शासन को भेजे, ताकि तहसील के मुख्य भवन के निर्माण के लिए धनराशि मिलने का रास्ता साफ हो सके।
अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि ग्राम विकास विभाग ने जल्द एनओसी नहीं दी और भूमि वापस लेने संबंधी पत्र नहीं लिया तो सात सितंबर को बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। तहसील को दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने की चर्चा को लेकर भी अधिवक्ताओं में नाराजगी है।
बताया गया कि कासिमाबाद तहसील का संचालन वर्ष 2016 में तत्कालीन राजस्व मंत्री शिवपाल यादव ने किया था। तहसील के लिए सिंचाई, पशुपालन, ग्राम विकास, स्वास्थ्य विभाग और जिला सहकारी संघ की भूमि आवंटित की गई थी। ग्राम विकास विभाग की भूमि वापस होने पर तहसील के लिए दूसरी जगह भूमि तलाशनी पड़ सकती है। एसडीएम संजय कुमार कुशवाहा ने कहा कि समस्या का जल्द समाधान निकाल लिया जाएगा।