बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जांच पूरी होने के बाद 20 आंगनबाड़ी सहायिकाओं का चयन निरस्त कर दिया गया है। इनमें छह ऐसे मामले हैं, जिनमें चयन होने के बावजूद अभ्यर्थियों ने पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। वहीं 14 मामलों में जांच के दौरान आय, जाति और निवास के कूटरचित प्रमाण-पत्रों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई। इसके बाद विभाग ने संबंधित चयन निरस्त कर दिए।
शिकायतों के आधार पर विभाग की ओर से कराई गई जांच में सामने आया कि जिले के नौ ब्लॉकों में चयनित 14 आंगनबाड़ी सहायिकाओं के दस्तावेजों में गड़बड़ी थी। इनमें जमानिया, सदर, सादात, मनिहारी, जखनिया, कासिमाबाद, मरदह, सैदपुर और भांवरकोल ब्लॉक शामिल हैं। जांच के बाद विभाग ने सभी 14 चयन निरस्त कर दिए। कार्रवाई के बाद संबंधित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों में खलबली मची है।
वहीं, छह अन्य मामलों में चयनित अभ्यर्थियों ने पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। विभाग के अनुसार, इन मामलों में अभ्यर्थियों की सास पहले से बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में कार्यरत थीं। इसके बावजूद उन्होंने आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए आवेदन किया और मेरिट के आधार पर उनका चयन हो गया। बाद में नियमों की जानकारी होने पर अभ्यर्थियों ने खुद ही कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इसके बाद विभागीय स्तर पर उनका चयन निरस्त कर दिया गया।
1352 पदों पर हुई आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती लगातार विवादों में रही है। इससे पहले जमानिया और बिरनो ब्लॉक में एक-एक आंगनबाड़ी सहायिका का चयन निरस्त किया जा चुका है। इस तरह अब तक विभिन्न मामलों में कुल 22 आंगनबाड़ी सहायिकाओं का चयन निरस्त हो चुका है।
बयान
“विभिन्न मामलों में 20 आंगनबाड़ी सहायिकाओं का चयन निरस्त किया गया है।”— संजय सोनी, प्रभारी डीपीओ