दुल्लहपुर। जखनिया तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता का आरोप लगाते हुए सोमवार को अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे और चेतावनी दी कि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
तहसील बार एसोसिएशन जखनिया के अध्यक्ष रामदुलार राम एवं महामंत्री नर्वदेश्वर सिंह (उर्फ मिंटू सिंह) ने बताया कि सुबह 11 बजे बार एसोसिएशन कक्ष में अधिवक्ताओं की बैठक हुई। इसमें व्यवस्था के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
अध्यक्ष रामदुलार राम ने कहा कि तहसील जखनिया में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हो चुकी हैं। कर्मचारी मनमाने ढंग से लालच में आकर पत्रावलियों का समय पर निस्तारण नहीं कर रहे हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर समस्या की ओर कई बार उच्चाधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। इससे क्षुब्ध अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया और न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।
इसके तहत 30 मार्च को तहसील जखनिया के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। बैठक में अधिवक्ता राम जी यति, अखिलेश चौहान, राजेश सिंह, प्रकाश वर्मा, अमलेश शर्मा सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।