मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक में चेतावनी दी कि अगर समय रहते शहर की बिजली नहीं सुधरी तो अधिवक्ता बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। इस दौरान अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
पत्रक में अविधवक्ताओं ने कहा कि सुबह 7 से 10 और शाम 5 से रात 10 बजे तक अधिवक्ता कार्य करते हैं, लेकिन इन दोनों समय पर बिजली गायब होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बेतहाशा बिजली कटौती से इस भीषण गर्मी में जहां आम जन-जीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं बिजली पर आधारित कारोबारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। इससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। निर्धारित रोस्टरिंग के अलावा भी इमरजेंसी कटौती के नाम पर घंटों आपूर्ति ठप की जा रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत रात में घंटों होने वाली कटौती से हो रही है। लोग चैन की नींद सो नहीं पा रहे है, जिसके खराब असर दिनचर्या पर पड़ रहा है। एक तरफ जहां गाजीपुर से सटे आजमगढ़ जिले के लोग 24 घंटे बिजली का सुख भोग रहे हैं, यहां के उपभोक्ता बिजली के लिए तरस रहे हैं। अगर समय रहते आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो अधिवक्ता समाज मजबूरन सत्याग्रह, धरना-प्रदर्शन करने को विवश होगा। क्योंकि प्रजातंत्र में इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं है। इस मौके पर दर्जनों अधिवक्ता मौजूद थे। प्रदर्शन में सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार पांडेय, राजेेंद्र विक्रम सिंह, चंद्रबली राय, हृदयनारायण सिंह, अजय सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।