उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक दस से जुड़े नहीं है लेकिन पुलिस ने अनशन को समाप्त कराने के लिए जिस तरह से हम लोगों पर लाठियां बरसाई, उससे यह कहना गलत नहीं होगा कि सपा सरकार पूरी तरह से तानाशाही हो गई। जनता के सवालों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अनशन करने के दौरान मुझपर तथा छात्र नेता विवेकानंद पांडेय पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जबरदस्ती अनशन समाप्त करने के लिए दबाव बनाया। ऐसा न करने पर पुलिस ने तानाशाही का परिचय देते हुए निहत्थे लोगों पर लाठियां बरसाते हुए अनशनकारियों सहित अन्य निर्दोषों को गिरफ्तार कर लिया। अलग-अलग थानों में मेरी और छात्र नेता की बर्बर तरीके से पिटाई की गई, जिससे कई दिनों तक हम लोग अपने पैरों पर सही तरीका से खड़ा नहीं हो सके। इतना ही नहीं घटना के कई दिनों बाद तक पुलिस जंगीपुर में तांडव मचाती रही। कई लोगों के मकानों में दरवाजा और खिड़की तोड़कर अंदर घुसी और महिलाओं तथा युवतियों के साथ अभद्रता की, जिसे जंगीपुर के लोग कभी भूल नहीं पाएंगे। अभी भी लोगों की आंखों में पुलिस की बर्बरता का भय झलक है। इतना सबकुछ करने के बावजूद निर्दोष लोगों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई किया जाना कहा का न्याय है। निर्दोष लोगों पर गैंगस्टर हटाने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। इस मौके पर सुरेश गुप्ता, सुधीर गुप्ता, प्रशांत वर्मा, बृजेश वर्मा, अफरोज अख्तर, श्याम वर्मा, असलम, प्रवीण, मुस्लिम राईनी, बसपा नेता ओमप्रकाश गुप्ता, राहुल, सुजीत, विनोद, किशन गुप्ता, विपिन यादव, जावेद, पारसनाथ गुप्ता, इंद्रनाथ गुप्ता, आशीष जायसवाल, जयराम गुप्ता, जितेंद्र, मुकेश, सौरभ पांडेय आदि मौजूद थे। सभा के बाद डा. सिंह ने बाजार के लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।