मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के दोनों पुत्रों अब्बास अंसारी व उमर अंसारी की अग्रिम जमानत अर्जी बुधवार को कोर्ट ने खारिज कर दी। उधर, सह आरोपी सादिक हुसैन की जमानत अर्जी को भी नामंजूर कर दिया।
गाजीपुर नगर के महुआबाग स्थित गजल होटल की भूमि के खरीद-फरोख्त के मामले में की गई हेराफेरी को संज्ञान में लेते हुए मुख्तार अंसारी के पुत्र अब्बास अंसारी एवं उमर अंसारी व अन्य के खिलाफ कोतवाली में मुुकदमा दर्ज है। मुख्तार के दोनों पुत्रों के अधिवक्ता ने न्यायालय में अग्रिम जमानत अर्जी प्रस्तुत की।
जिस पर अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन की अदालत में सुनवाई हुई। सहायक शासकीय अधिवक्ता जय प्रकाश सिंह एवं आरोपी पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद अग्रिम जमानत अर्जी को आधारहीन मानते हुए कोर्ट ने खारिज कर दिया।
इसी प्रकरण में खुदाईपुरा निवासी सादिक हुसैन भी आरोपी है। इनके द्वारा कागजात में नाम न होने के बावजूद गाटा संख्या 99 से छह धूर एवं गाटा संख्या 98/2 से एक विस्वा जमीन विक्रय की गई थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सादिक की जमानत अर्जी न्यायालय में पेश की गई थी। इस पर सुनवाई हुई। न्यायालय ने जमानत का पर्याप्त आधार न पाते हुए सादिक हुसैन की जमानत अर्जी खारिज कर दी।