रामबन गांव में भुड़कुड़ा-जखनियां मार्ग को जाम करते मृतक राकेश यादव के परिजन व ग्रामीण। संवाद
जखनिया। भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र के रामबन स्थित धनरावती हाॅस्पिटल में पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के दौरान नस कटने से अत्यधिक रक्तस्राव से राकेश यादव (26) की बुधवार को मौत होने का आरोप लगाया गया। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया। नाराज ग्रामीणों ने अस्पताल संचालक की पिटाई कर दी।
आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने बारिश के बीच भुड़कुड़ा-जखनिया मार्ग पर सुबह 8.30 बजे शव रखकर जाम लगा दिया। अस्पताल को सील करने की मांग की। जखनिया एसडीएम और भुड़कुड़ा सीओ ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद दोपहर 2.30 बजे जाम समाप्त हुआ। राकेश के बड़े भाई राजेश यादव ने अस्पताल संचालक डॉ. नंदलाल सहित तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
कोतवाल धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि बृंदावन गांव निवासी राजेश यादव ने तहरीर देकर जानकारी दी कि तबीयत खराब होने पर 30 अगस्त को रामबन स्थित धनरावती हॉस्पिटल में छोटे भाई राकेश यादव को भर्ती कराया गया। जहां पित्त की थैली में पथरी होने पर बिना डिग्री वाले बहादुर, डॉ. संतोष ने डॉ. नंदलाल के साथ सर्जरी की।
इस दौरान बगैर जानकारी के नस काट दी। इससे अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। बताया कि 31 अगस्त को हालत गंभीर हो गई। रक्तस्राव नहीं रुकने पर एक सितंबर को राकेश को आजमगढ़ के निजी हॉस्पिटल भेजा गया। वहां इलाज के दौरान बुधवार की सुबह 7 बजे उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद परिजन शव को एंबुलेंस से लेकर रामबन स्थित धनरावती हॉस्पिटल पहुंचे। इसके बाद अस्पताल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने जब अस्पताल के कर्मियों से पूछताछ की तो विवाद हो गया। आरोप लगाया कि अस्पताल के कर्मियों ने मारपीट शुरू कर दी, जिससे बृंदावन गांव निवासी सोनू यादव और सुजीत यादव के हाथ में चोट आई। इसके बाद ग्रामीणों ने भुड़कुड़ा-जखनिया मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। जखनिया एसडीएम अतुल कुमार और सीओ राधाकृष्ण तिवारी ने समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया।