एआरटीओ की तहरीर के मुताबिक ट्रकों को छुड़ाने के लिए उनपर दबाव बंद डाला गया। 11 जनवरी को वह अपने कार्यालय में थीं। दोपहर के समय मनोज कि राय और उसकी पत्नी सुमन राय पहुंची। ट्रकों को छोड़ने की बात कही। धमकी दी कि ट्रकों को नहीं छोड़ा तो नौकरी करना मुश्किल कर देंगे। शहर कोतवाल दीन दयाल पांडेय का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय भेज दिया गया।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी का आरोप है कि आरोपियों ने धमकी दी कि उनके ट्रकों को नंदगंज स्थित रेलवे के रेक पाइंट पर सबसे पहले लोड कराने व सबसे पहले खाली कराया जाए। ऐसा नहीं होने पर आपका किसी दिन सड़क पर चलते समय किसी टी ट्रक से एक्सीडेंट कराकर इलाज करा दिया जाएगा। तहरीर के मुताबिक आरोपियों ने ये भी कहा कि उच्च अधिकारियों के पास झूठी शिकायतें रोज भेजी जाएंगी और लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष झूठी आत्मदाह की कोशिश की जाएगी, ताकि आप शासन की नजर में भी आ जाएं।