कालनपुर गांव में मंगलवार देर रात दरवाजे के सामने मोटरसाइकिल धोने और शोर मचाने का विरोध करने पर एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचने पर पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराने के बजाय केवल जनसुनवाई की पर्ची थमा दी और करीब पांच घंटे तक थाने में बैठाए रखा। कालनपुर निवासी चंद्रकांत राम ने बताया कि मंगलवार रात करीब 12 बजे उनके पट्टीदार का पुत्र अपने साथियों के साथ दो मोटरसाइकिलों पर उनके दरवाजे के सामने पहुंचा और सबमर्सिबल से वाहन धोने लगा। शोर-शराबा और कुत्ते के भौंकने से परेशान होकर उन्होंने विरोध किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया, जिसमें वह घायल हो गए। पीड़ित का आरोप है कि बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी पत्नी और बड़ी भाभी के साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्रता की गई। आरोपियों ने दरवाजे पर खड़ी उनकी मोटरसाइकिल में भी तोड़फोड़ कर दी। सूचना पर डायल-112 पुलिस पहुंची, लेकिन उसके आने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
चंद्रकांत का आरोप है कि शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचने पर पुलिस ने मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजने के बजाय केवल जनसुनवाई की पर्ची दी और घंटों थाने में बैठाए रखा। उधर, थाना प्रभारी आरएस नागर ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। यदि शिकायत मिली है तो उसकी जांच की जाएगी।