वाराणसी मंडल के आयुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने मंगलवार को स्थानीय तहसील में अभिलेखों एवं कार्य निष्पादन प्रक्रिया की सघन जांच की। अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही पाए जाने पर सहायक राजस्व लेखाकार को प्रतिकूल टिप्पणी दी। मालखाना में अस्त-व्यस्त सामानों को देखकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिलाधिकारी एवं एसडीएम से रखरखाव के संसाधन उपलब्ध कराने को कहा।
तहसील मुख्यालय पहुंचे मंडलायुक्त श्री गोकर्ण ने रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में अभिलेखों का गहन निरीक्षण किया। पट्टा, आवास-तालाब आवंटन के अलावा विभिन्न पत्रावलियों की क्रमवार जांच की। क्षेत्र के गौरी गांव में आवास आवंटन की पत्रावली रजिस्टर में दर्ज होने और रिकार्ड रूम में मौजूद न होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों को फटकार लगाई। 15 मिनट की मशक्कत के बाद अंतत: वह पत्रावली खोजकर मंडलायुक्त के सामने लाई गई। अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने लेखाकार राधेश्याम को प्रतिकूल प्रविष्टि देने को कहा। मालखाना में बिखरे सामानों पर मंडलायुक्त की त्योरी चढ़ गई। शीघ्र ही मालखाना साफ-सुथरा करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डा. अशोक चन्द्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व आनंद कुमार, तहसीलदार निखिलेश कुमार, नायब तहसीलदार रामाश्रय प्रसाद, नूपुर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक लल्लन राय, उपजिलाधिकारी भानू प्रताप सिंह, क्षेत्राधिकारी महेश गौतम और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रामायण सिंह मौजूद रहे।